रबी सीजन की तैयारियों के बीच कृषि विभाग हमीरपुर के पास लहसुन और बरसीम का बीज पहुंच गया है, लेकिन गेहूं के बीज का इंतजार अभी खत्म नहीं हुआ है। गेहूं की बिजाई का समय नजदीक आने के साथ किसानों की निगाहें अब इसकी उपलब्धता पर टिकी हैं। जिले में करीब 27 हजार हेक्टेयर भूमि पर गेहूं की बिजाई होती है। ऐसे में बीज की आपूर्ति में देरी किसानों की चिंता बढ़ा रही है। कृषि विभाग में लहसुन का बीज 205 रुपये प्रति किलो और बरसीम का बीज 197 रुपये प्रति किलो की दर से उपलब्ध है। बरसीम का पांच किलो का पैकेट 985 रुपये में मिल रहा है। विभाग ने बीज को कृषि विक्रय केंद्रों में भेजना शुरू कर दिया है। कृषि विभाग के पास उपलब्ध लहसुन और बरसीम के बीज पर किसानों को सब्सिडी नहीं मिलेगी। किसानों को निर्धारित कीमत पर ही बीज खरीदना होगा। इससे पहले विभाग के पास मटर, मूली समेत अन्य फसलों के बीज भी पहुंच चुके हैं। हालांकि, गेहूं का बीज उपलब्ध नहीं होने के कारण किसान इसकी आपूर्ति का इंतजार कर रहे हैं। गेहूं जिले की प्रमुख रबी फसलों में शामिल है। बड़े क्षेत्र में इसकी खेती होने के कारण समय पर बीज उपलब्ध होना किसानों के लिए जरूरी है। किसानों सुनील, गौरव और प्रवीण ने कृषि विभाग से मांग की है कि गेहूं का बीज जल्द उपलब्ध करवाया जाए, ताकि बिजाई में देरी न हो। कृषि विभाग हमीरपुर के उपनिदेशक डीडी शर्मा ने कहा कि कुछ बीज पहुंच चुका है, जबकि कुछ बीज आना अभी बाकी है। किसानों को उचित मूल्य पर बीज उपलब्ध करवाया जा रहा है।