छोटे बच्चों में कुपोषण की रोकथाम और उनके बेहतर पोषण को सुनिश्चित करने के लिए भोरंज में चलाए जा रहे पोषण हस्तक्षेप कार्यक्रम की उपायुक्त गंधर्व राठौड़ ने समीक्षा की। शुक्रवार को मिनी सचिवालय भोरंज में आयोजित संवाद सत्र के दौरान उन्होंने बच्चों की माताओं और अन्य महिलाओं से रागी पाउडर के उपयोग तथा इससे तैयार किए जाने वाले व्यंजनों के बारे में फीडबैक लिया। उपायुक्त गंधर्व राठौड़ ने बताया कि जिला प्रशासन और महिला एवं बाल विकास विभाग की पहल पर भोरंज में पायलट प्रोजेक्ट चलाया जा रहा है। इसके तहत छोटे बच्चों को पौष्टिक गुणों से भरपूर रागी पाउडर उपलब्ध करवाया जा रहा है। इस पाउडर से अलग-अलग तरह के व्यंजन तैयार कर बच्चों को खिलाए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि रागी से बने व्यंजनों को लेकर बच्चों की अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है। साथ ही, बच्चों के स्वास्थ्य और शारीरिक विकास से जुड़े विभिन्न मानकों में भी सुधार के संकेत मिले हैं। उपायुक्त ने बताया कि इस माह रागी से तैयार किए गए कुछ नए व्यंजन और उत्पाद भी उपलब्ध करवाए गए हैं। संवाद सत्र में माताओं से इनके उपयोग, बच्चों की प्रतिक्रिया और गुणवत्ता को लेकर राय तथा सुझाव मांगे गए, ताकि पोषण कार्यक्रम को और बेहतर बनाया जा सके। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से वितरित की जाने वाली खाद्य सामग्री में इन नए व्यंजनों और उत्पादों को शामिल करने के संबंध में महिला एवं बाल विकास विभाग के साथ विचार-विमर्श किया जा रहा है। संवाद सत्र में एसडीएम शशिपाल शर्मा, बाल विकास परियोजना अधिकारी भोरंज सुनील कुमार, सीडीपीओ सुजानपुर कुलदीप चौहान और तहसीलदार भोरंज डॉ. आशीष शर्मा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।