चंबा। जनजातीय उपमंडल भरमौर की ग्राम पंचायत छतराड़ी में चार दिवसीय राज्यस्तरीय छतराड़ी जातर मेले का विधिवत शुभारंभ हुआ। मेले के शुभारंभ अवसर पर मंदिर परिसर में रथ यात्रा निकाली गई। सांझ पहर पारंपरिक खप्पर बुड्ढा नृत्य आकर्षण का केंद्र रहा। ग्रामीणों ने मुंह में मुखौटे लगाकर नृत्य में भाग लिया। मुख्यातिथि सुरजीत भरमौरी ने कहा कि 31 वर्षों के बाद छतराड़ी जातर मेले का आयोजन राज्यस्तरीय मेले के रूप में किया जा रहा है। उन्होंने क्षेत्रवासियों को जातर मेले की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि मेले हमारी समृद्ध लोकसंस्कृति के परिचायक हैं। इनके आयोजन से आपसी भाईचारा बढऩे के साथ लोक संस्कृति का प्रचार-प्रसार भी होता है। प्राचीन परंपरा के अनुसार पवित्र मणिमहेश मेले के समापन के बाद डल झील से पवित्र जल लाया जाता है। इससे शिव शक्ति माता को स्नान करवाने के बाद पूजा-अर्चना और आरती की जाती है, जिसके उपरांत जातर मेले का शुभारंभ होता है।