चिट्टे के बढ़ते खतरे के बीच चंबा जिले के तीसा में स्कूली बच्चों ने नशे के खिलाफ जागरूकता की अलख जगाई। यहां आयोजित एंटी-चिट्टा वॉकथॉन में विभिन्न स्कूलों के विद्यार्थियों ने हिस्सा लेकर नशे के विरुद्ध एकजुटता दिखाई। वॉकथॉन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। बच्चों की भागीदारी ने साफ संदेश दिया कि युवा पीढ़ी को नशे से बचाने की जिम्मेदारी पूरे समाज की है। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि चिट्टा युवाओं के भविष्य के लिए गंभीर खतरा है। जेनरेशन जेड और जेनरेशन अल्फा को इस नशे की गिरफ्त से दूर रखने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं। उन्होंने विद्यार्थियों की सराहना करते हुए कहा कि यह सकारात्मक पहल है कि स्कूली बच्चे खुद आगे आकर नशे के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं। वक्ताओं ने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल पुलिस और प्रशासन के भरोसे नहीं जीती जा सकती। इसमें अभिभावकों, परिवारों और स्थानीय लोगों की भागीदारी भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने लोगों से अपील की कि बच्चों की इस पहल को घर-घर तक पहुंचाएं और युवाओं को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करें। सामूहिक प्रयासों से ही आने वाली पीढ़ी को सुरक्षित और स्वस्थ वातावरण दिया जा सकता है।