पूर्व सैनिकों, वीर नारियों और उनके परिवारों के अधिकारों से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाने के लिए एक साझा मंच तैयार करने की जरूरत है। सैनिक परिवारों को आपसी मतभेद भुलाकर अपने हितों के लिए संगठित होना चाहिए। यह बात भारतीय जवान किसान पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष ने वीरवार को भल्लू में आयोजित पत्रकारवार्ता में कही। उन्होंने कहा कि देश की थल सेना, वायु सेना और नौसेना में सेवाएं देने वाले सभी सैनिकों की पहचान एक समान है। सभी ने देश की सुरक्षा और सेवा के लिए अपना योगदान दिया है। इसलिए पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों को जाति, क्षेत्र और अन्य मतभेदों से ऊपर उठकर एकजुट होना चाहिए। पार्टी प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों को किसी भी राजनीतिक नेता के प्रभाव में आने के बजाय अपने अधिकारों के लिए स्वतंत्र और मजबूत संगठनात्मक आवाज तैयार करनी चाहिए। उनका कहना था कि जब सैनिक परिवार अलग-अलग समूहों में बंटे रहेंगे तो उनकी समस्याओं को प्रभावी तरीके से उठाना मुश्किल होगा। एक साझा मंच बनने से विभिन्न क्षेत्रों के पूर्व सैनिक अपनी मांगों को एक साथ सरकार और संबंधित विभागों के सामने रख सकेंगे। उन्होंने पूर्व सैनिकों और वीर नारियों से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर ध्यान देने की जरूरत बताई। इनमें पेंशन संबंधी समस्याएं, स्वास्थ्य सुविधाएं, सैनिक परिवारों का सम्मान और उनके बच्चों की शिक्षा व बेहतर भविष्य प्रमुख हैं। उन्होंने कहा कि वीर नारियों और पूर्व सैनिक परिवारों के हितों की रक्षा के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं। सभी संगठनों को आपसी समन्वय बनाकर इन मुद्दों पर काम करना चाहिए। अंत में उन्होंने हिमाचल प्रदेश के सभी पूर्व सैनिकों, वीर नारियों और उनके परिवारों से एक मंच पर आने की अपील की। उन्होंने कहा कि एकजुटता के माध्यम से ही सैनिक परिवार अपनी मांगों और अधिकारों के लिए प्रभावी ढंग से आवाज उठा सकेंगे।