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यमुनानगर: ट्रॉली-ट्रैक्टर चालकों ने अपनी मांगों को लेकर उपायुक्त को सौंपा मांग पत्र

शाहिल शर्मा Updated Wed, 14 Jan 2026 06:43 PM IST

डीसी के आदेशानुसार ट्रॉली-ट्रैक्टरों के कमर्शियल प्रयोग पर रोक लगाए जाने के विरोध में जिले भर के ट्रॉली-ट्रैक्टर चालक भारी संख्या में जगाधरी अनाज मंडी में एकत्रित हुए। प्रदर्शनकारियों ने जिला उपायुक्त को मांगपत्र सौंपते हुए आदेशों को तुरंत वापस लेने की मांग की। ट्रॉली-ट्रैक्टर चालकों का कहना है कि वे पिछले करीब 30 वर्षों से रेत, बजरी और मिट्टी ढुलाई का कार्य कर रहे हैं, जिससे उनके परिवारों की रोजी-रोटी चलती है। चालकों ने बताया कि डीसी के आदेश के बाद माइनिंग नाके और रास्तों में उनकी ट्रॉली-ट्रैक्टरों को रोका जा रहा है, जबकि वे वैध माइनिंग बिल लेकर ही सामग्री की ढुलाई करते हैं। इसके बावजूद उन्हें नाकों से आगे नहीं जाने दिया जा रहा, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जिले में पहले ही रोजगार के सीमित साधन हैं और ऐसे में ट्रॉली-ट्रैक्टरों के बंद होने से हजारों परिवारों की आजीविका पर संकट खड़ा हो गया है। मांगपत्र में बताया गया कि जिला यमुनानगर में ट्रैक्टर-ट्रॉली के माध्यम से भवन निर्माण सामग्री की सप्लाई की जाती है। इस कार्य से जुड़े अधिकतर चालक गरीब परिवारों से हैं। बच्चों की स्कूल फीस, घर का खर्च, और बैंक व फाइनेंस कंपनियों की किस्तें इसी काम पर निर्भर हैं। अधिकांश ट्रैक्टर फाइनेंस पर लिए गए हैं, जिनकी किस्तें समय पर भरना अब मुश्किल हो रहा है। चालकों ने आरोप लगाया कि पिछले दो दिनों से लगाए गए माइनिंग नाकों पर वैध बिल होने के बावजूद ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को वापस लौटा दिया जा रहा है। यदि यह स्थिति जारी रही तो उनके सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो जाएगा। प्रदर्शन के दौरान यमुना नदी के किनारे बसे 20 से अधिक गांवों के युवा और ट्रॉली-ट्रैक्टर चालक मौजूद रहे।

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