हरियाणा खेल विश्वविद्यालय, राई स्थित बंसीलाल ऑडिटोरियम में स्पोर्ट्स इंजरी मैनेजमेंट विषय पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को खेल के दौरान होने वाली सामान्य व विशिष्ट चोटों की रोकथाम, पहचान व प्रभावी उपचार के प्रति जागरूक करना रहा। डीन अकादमिक अफेयर्स, प्रो. योगेश चंद्र ने कहा कि इस प्रकार की कार्यशालाएं विद्यार्थियों के शारीरिक स्वास्थ्य एवं खेल प्रदर्शन को बेहतर बनाने में अत्यंत सहायक सिद्ध होती हैं।कार्यशाला का आयोजन दो चरणों में किया गया। पहले चरण में सैद्धांतिक सत्र आयोजित किया गया, जिसमें खेल चोटों के प्रकार, उनके कारण तथा बचाव के उपायों पर चर्चा की गई। इस सत्र में खिलाड़ियों को सामान्य व विशिष्ट चोटों के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। दूसरे चरण में इंटरएक्टिव सत्र आयोजित किया गया, जिसमें छात्रों की विशिष्ट चोटों पर चर्चा करते हुए उनके उपचार के तरीकों को समझाया गया। इस दौरान कुछ छात्रों ने अपनी चोटों से संबंधित प्रश्न भी विशेषज्ञों से पूछे, जिनका समाधान विशेषज्ञों ने विस्तार से किया। स्पोर्ट्स इंजरी विशेषज्ञ डॉ. गौरव रस्तोगी ने खेल चोटों के सर्जिकल उपचार की आधुनिक तकनीकों पर प्रकाश डाला तथा बताया कि समय पर सही उपचार खिलाड़ियों के कॅरिअर को सुरक्षित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। पेन मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. नम्रता ने पीपीटी व वीडियो के माध्यम से खेल चोटों की फिजियोलॉजी पर चर्चा करते हुए शरीर में होने वाले बदलाव और रिकवरी प्रक्रिया को समझाया। वहीं, डॉ. निखिल कपूर ने पेन मैनेजमेंट के विषय में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि उचित तकनीक और उपचार से खिलाड़ियों को शीघ्र राहत प्रदान की जा सकती है। उनकी प्रदर्शन क्षमता को बनाए रखा जा सकता है। इस दौरान नवीन ठाकरान, नितिन यादव भी मौजूद रहे।