रिटायर कर्नल टेकचंद ने सैन्य कार्रवाई को सिर्फ एक जवाबी कार्रवाई नहीं, बल्कि एक रणनीतिक संदेश बताया है। आज हमने आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया है। यह एक साफ संदेश है कि अगर पाकिस्तान फिर से ऐसा कुछ करता है, तो जवाब पहले से भी ज्यादा सख्त होगा। अब भारत चुप नहीं बैठता। उन्होंने कहा कि यह ऑपरेशन भारत की खुफिया एजेंसियों की सफलता और राजनीतिक नेतृत्व की इच्छाशक्ति का प्रमाण है। उनका मानना है कि अब दुनिया को यह मानना होगा कि भारत आतंकवाद के खिलाफ न सिर्फ बोलता है, बल्कि निर्णायक कदम भी उठाता है। दोनों सैन्य अधिकारियों ने कहा कि देश की सुरक्षा केवल सैनिकों की जिम्मेदारी नहीं, हर नागरिक का धर्म है। जब सीमा पर जवान खड़े हैं, तब देशवासियों को भी अपने अपने स्तर पर एकजुट होकर राष्ट्र के साथ खड़ा रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाएं तभी सफल होंगी जब उनका सही क्रियान्वयन होगा और हर व्यक्ति राष्ट्रहित को अपने व्यक्तिगत हित से ऊपर रखेगा।