नगर निगम सदन की वीरवार को पांच घंटे चली बैठक हंगामेदार रही। पार्षदों ने कहा कि नगर निगम में प्रॉपर्टी आई माफिया हावी है। मेयर व पार्षद के साथ अभद्रता करने की आरोपी महिला क्लर्क को अब तक निलंबित नहीं किया गया। जिला विकास भवन के कांफ्रेंसिंग हॉल में साढ़े 11 बजे सदन की बैठक शुरू हुई, जिसका एजेंडा समय पर न भेजने पर पार्षदों ने अधिकारियों पर सवाल उठाए। वॉर्ड 21 के पार्षद प्रवीण कौशिक ने कहा कि छह माह से महिला क्लर्क प्रॉपर्टी आईडी ठीक नहीं कर रही थी। फोन पर भी बात करने से इंकार कर दिया। सीट पर जाकर पूछा तो अभद्रता की। मेयर के सामने भी व्यवहार नहीं बदला। कांग्रेस पार्षद परीक्षित देशवाल ने कहा कि एक प्रॉपर्टी उसके नाम है, लेकिन निगम ने उसके पिता के नाम आईडी बना दी। तीन चक्कर काटने के बाद आईडी ठीक नहीं हुई तो पैसे देकर काम करवाया।