रोहतक। हरियाणा राज्य बाल कल्याण परिषद की ओर से पुलिस लाइन स्थित जिला बाल भवन में जिलास्तरीय बाल दिवस प्रतियोगिताओं का वीरवार को आगाज हुआ। पहले दिन विद्यार्थियों ने एकल नृत्य, समूह नृत्य, एकल गायन और अभिनय में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर खूब तालियां बटोरी। जिला बाल भवन में सुबह से ही बच्चों में उत्साह देखने को मिला। कार्यक्रम में सरकारी और गैर सरकारी स्कूलों के अनेक बच्चों ने भाग लिया। कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन के ओएसडी समरवीर सिंह ने कहा कि बच्चों की प्रस्तुतियां देखीं। यह मंच बच्चों के समग्र विकास के लिए बहुत जरूरी है। जब बच्चा खुले मंच पर तैयारी करके प्रस्तुति देता है तो उसका आत्मविश्वास बढ़ता है। आज वात्सल्य प्रेम और हरियाणवी संस्कृति पर आधारित बहुत ही भावनात्मक प्रस्तुतियां हुईं। बोर्ड परीक्षाओं को लेकर उन्होंने कहा कि बोर्ड फरवरी में होने वाली 10वीं, 12वीं और एचटेट परीक्षाओं के लिए पूरी तरह तत्पर है। मंडलीय बाल कल्याण अधिकारी अनिल मलिक ने कहा कि यह हंसी और खुशी ही असली सफलता है। आज कार्यक्रम का शुभारंभ रहा। राज्यस्तरीय योजना के तहत हर जिले में ये प्रतियोगिताएं हो रही हैं। रोहतक के लिए 22, 23, 27 व 28 अक्तूबर की तारीख तय की गई है। आज सोलो डांस, ग्रुप डांस जैसी प्रतियोगिताएं शुरू हुई हैं। जिला बाल कल्याण अधिकारी सोमदत्त खुंडिया ने कहा कि जिला स्तर के बाद जोनल, डिविजनल और फिर राज्य स्तर की प्रतियोगिताएं होंगी, जहां विजेताओं को राज्यपाल खुद सम्मानित करते हैं। उन्होंने कहा कि डिजिटल युग में मानसिक स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। बच्चे शारीरिक बदलावों के साथ-साथ सामाजिक वातावरण के प्रति भी जागरूक रहें। कार्यक्रम के नोडल अधिकारी अशोक शर्मा ने बताया कि यह प्रतियोगिताएं 22 से 28 अक्तूबर तक चलेंगी। 27 अक्तूबर को तृतीय समूह और 28 अक्टूबर को चतुर्थ समूह के विद्यार्थी भाग लेंगे। इन प्रतियोगिताओं से बच्चों को अपनी रचनात्मकता और कलात्मक कौशल दिखाने का अवसर मिलता है।