प्रदेश की सियासी राजधानी रोहतक शहर में बारिश नहीं, सड़कों पर कचरे की बाढ़ आई हुई है। वाहन चालक फिसल के कारण गिर रहे हैं। यह हाल पुराने गोहाना अड्डे का है, जहां एक दिन पहले निगम ने अवैध अतिक्रमण हटाया था। हर साल केंद्रीय मंत्रालय की तरफ से राष्ट्रीय स्तर पर स्वच्छता सर्वेक्षण कराया जाता है। 2023 में रोहतक शहर प्रदेश के अंदर स्वच्छता में प्रथम स्थान पर आया था। चुनावी साल 2024 में सर्वे नहीं हो सका। अब 2025 में स्वच्छता सर्वेक्षण को लेकर सर्वे होना है। निगम प्रशासन की तरफ से सफाई व्यवस्था को सुधारने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन सुधार नहीं हो रहा है। कर्मचारी बोला- दुकानदार नहीं उठाने दे रहे कचरा पुराने गोहाना अड्डे पर एक दिन पहले निगम की टीम ने अवैध अतिक्रमण हटाया था। साथ ही सड़क पर बनाया गया चबूतरा भी तोड़ा गया। एक सफाई कर्मी ने बताया कि इसके विरोध में शुक्रवार शाम व शनिवार सुबह कचरा नहीं उठाने दिया गया। जबकि दुकानदार ने कहा कि पूरे शहर में अतिक्रमण है, केवल उनका चबूतरा तोड़ा गया। फिर भी वे कचरा उठाने से मना नहीं कर रहे। अधिकारी के अनुसार मामला नोटिस में आया है। जल्द कचरा उठवा दिया जाएगा। साथ ही अधिकारियों से जवाब मांगा जाएगा कि कचरा उठाने में देरी क्यों हुई। डॉक्टर आनंद शर्मा, आयुक्त नगर निगम