बच्चे तकनीकी दौर में कुछ अलग-थलग से हो गए हैं। अपनों के होते हुए भी अकेले हैं। दोस्त हैं मगर साथ में खेलकूद नहीं करते। माता-पिता हैं मगर उनसे खुले मन से बातचीत नहीं करते। ऐसे में भावी पीढ़ी तनाव, चिड़चिड़ापन व अपने में खोई हुई सी है। इन सबकी प्रमुख वजह है मोबाइल फोन पर अधिक समय बिताना। आईएमटी स्थित अमर उजाला कार्यालय में वीरवार को आयोजित अपराजिता कार्यक्रम में महिलाओं ने बच्चों के मोबाइल फोन के अधिक इस्तेमाल पर रोक लगाने व उनके साथ ज्यादा से ज्यादा समय बिताने पर जोर दिया।