बीते एक सप्ताह से सब्जियों के भाव लगातार बढ़ते जा रहे हैं। सब्जी मंडियों में टमाटर सहित कई मौसमी सब्जियों के दामों में जबरदस्त उछाल देखा जा रहा है। आमतौर पर 20 रुपये से 30 रुपये प्रति किलो मिलने वाला टमाटर अब 90 रुपये से 100 रुपये प्रति किलो तक बिक रहा है। इसकी वजह से मध्यमवर्गीय परिवारों की रसोई से टमाटर गायब होने लगा है। टमाटर ही नहीं, प्याज, आलू, खीरा, अदरक,लौकी, भिंडी, तोरई जैसी मौसमी सब्जियों के दाम में भी तेज़ी देखी जा रही है। शहर की सब्जी मंडी में सब्जी खरीदने आई स्थानीय निवासी कविता देवी ने कहा अब तो सब्जी खरीदना किसी त्योहार जैसी बात हो गई है। रोजमर्रा की जरूरत की चीजें भी बजट से बाहर हो रही हैं। इस अचानक बढ़ी महंगाई के पीछे मौसमी बदलाव, फसल की कमी और बढ़ते परिवहन खर्च जैसे कारण जिम्मेदार हैं। वहीं सब्जी मंडी के सब्जी विक्रेता हरि राम, रमेश, बीर सिंह, निहाल चंद ने कहा कि सब्जियों के थोक के भाव पहले की अपेक्षा अधिक हो गए है। जिसके चलते उन्होंने भी उसी के अनुसार सब्जियों के दाम बढ़ा दिए है। जिसके चलते सब्जियों के भाव में उछाल आया है। उन्होंने कहा कि भाव अधिक होने के कारण टमाटर, प्याज व लहसुन की बिक्री में काफी आई है।इसके साथ ही टमाटर की सप्लाई बहुत कम आ रही है। बरसात के चलते खेतों में पानी भर गया है और फसलें खराब हो गई हैं। दूसरी ओर ट्रांसपोर्टेशन में भी दिक्कतें आई हैं, जिससे समय पर माल मंडी तक नहीं पहुँच पा रहा। आने वाले 10-15 दिनों तक राहत मिलने की संभावना कम है। यदि मौसम साफ रहा और नई फसल बाजार में आई, तभी कीमतों में कुछ गिरावट आ सकती है।