उपमंडल के गांव धनौंदा की दक्ष प्रजापति धर्मशाला में शनिवार को चल रही श्रीमद् शिव महापुराण कथा के चौथे दिन गणेश विवाह की कथा सुनाई गई। कथा वाचक आचार्य पूर्णदेव महाराज ने बताया कि भगवान गणेश को अपने हाथी के सिर के कारण विवाह के लिए लड़की ढूंढने में कठिनाई हो रही थी। उन्होंने अन्य देवताओं के विवाह समारोहों में बाधा डाली। देवताओं ने ब्रह्मा से मदद मांगी, जिन्होंने तब रिद्धि और सिद्धि को बनाया और उनका विवाह भगवान गणेश से करा दिया।