नई मंडी स्थित अग्रवाल सभा भवन में आयोजित संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा के छठे दिन सर्वप्रथम आचार्य मनीष शास्त्री ने मुख्य यजमान से सभी देवताओं का पूजन करवाया। इसके उपरांत आचार्य बजरंग शास्त्री ने बताया कि भगवान श्री कृष्ण ने गोवर्धन को उठाकर इंद्र का अभिमान दूर किया। इंद्र ने बृज में आकर भगवान से क्षमा मांगी। कृष्ण ने कहा कि इंद्र जो मेरा अपमान करता है उसे मैं सहन कर लू, लेकिन जो मेरे भक्तो, संतों को कष्ट देता है उसे मैं कभी सहन नही करता हूं। क्योंकि भगवान कृष्ण कहते हैं कि मेरा अवतार संतों भक्तो की रक्षा और दुष्टों राक्षसों के संहार के लिए ही होता है। आचार्य ने बताया कि गोपियां कोई साधारण स्त्रियां नही है। आचार्य ने बताया कि जरासंध ने मथुरा पर 17 बार आक्रमण किया और हर बार पराजित होना पड़ा।