सिहमा के दौंगड़ा अहीर में आर्य समाज सम्मेलन के दूसरे दिन धर्म, नारी शिक्षा, योग व वेद प्रचार जैसे विविध विषयों पर गहन मंथन हुआ। सम्मेलन में देशभर से पधारे विद्वानों, संतों व सामाजिक चिंतकों ने अपने विचार प्रकट किए। इसकी अध्यक्षता मास्टर ओमप्रकाश खानपुर ने की। मुख्य अतिथि डॉ. पवित्रा राव, चेयरपर्सन आरपीएस ग्रुप ने अपने संबोधन में कहा कि नारी शिक्षा के बिना राष्ट्र निर्माण अधूरा है। उन्होंने स्वामी दयानंद सरस्वती के विचारों को उद्धृत करते हुए कहा कि स्त्री शिक्षा का नाश समस्त जातियों के विनाश का मूल कारण है। उन्होंने वर्तमान में महिलाओं की प्रगति को स्वामी दयानंद की 19वीं सदी में की गई भविष्यवाणी की पुष्टि बताया। डॉ. राव ने आह्वान किया कि यदि हम भारत को सशक्त बनाना चाहते हैं, तो नारी शिक्षा को राष्ट्र सेवा का माध्यम बनाना होगा।