कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के विधि संस्थान में साप्ताहिक मेगा लीगल एड व क्लाइंट काउंसलिंग का आयोजन किया गया, जिसका शुभारंभ सोमवार को हुआ। हरियाणा राज्य विधि आयोग के सदस्य इंद्रजीत मेहता ने कहा कि लीगल एड का मुख्य उद्देश्य जरूरतमंदों को मुफ्त में कानूनी सहायता प्रदान करना है ताकि धन के अभाव में कोई भी न्याय से वंचित न रह जाए। मुफ्त कानूनी सेवा ऑनलाइन व ऑफलाइन माध्यम से भी प्राप्त की जा सकती है। इसके साथ ही उन्होंने कानूनी सेवा प्राधिकरण अधिनियम 1987 के प्रावधानों की भी जानकारी साझा की। विधि संस्थान की निदेशक प्रो. सुशीला देवी चौहान ने कहा कि सभी भारतीय नागरिकों को मुफ्त कानूनी सेवा का अधिकार हमारा संविधान अनुच्छेद 39-ए प्रदान करता है। लीगल एड कमेटी के संयोजक डॉ संतलाल ने इस साप्ताहिक कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की। कार्यक्रम में विधि संस्थान के उपनिदेशक डॉ रमेश सिरोही ने भी इसका लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित किया। इय मौके पर सहसंयोजक डॉ. सुमित, डॉ. मोनिका, डॉ. पूनम, डॉ. जतिन, डॉ. नीरज बातिश, डॉ. तृप्ति चौधरी, डॉ. जय कृष्ण भारद्वाज सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे। हरियाणा राज्य विधि आयोग की सदस्य डॉ. सारिका गुप्ता ने कहा कि जिनकी सालाना आमदनी तीन लाख से कम है, महिलाएं, अनुसूचित जाति के आदमी, सामूहिक आपदा, बाढ़ सूखा, भूकंप, हिंसा, औद्योगिक आपदा के शिकार व्यक्ति मुफ्त कानूनी सहायता प्राप्त करने का अधिकार रखते हैं। उनको राष्ट्रीय, राज्य व जिला स्तर पर सरकार मुफ्त कानूनी सहायता प्रदान करती है।