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करनाल में प्रतियोगिता का जुनून, किसी ने पहली तो किसी ने पांचवीं बार लिया हिस्सा

करनाल। 39वीं हरियाणा राज्य जूनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप में दूसरे राज्यों से आए खिलाड़ियों का जबरदस्त बोलबाला देखने को मिला। प्रतियोगिता के मुकाबलों में देखने को मिली, जहां कुछ खिलाड़ियों ने पहली बार इस मंच पर अपनी किस्मत आजमाई, तो वहीं कई अनुभवी खिलाड़ी पाचवीं बार अपना मुकाबला खेलने उतरे। इस प्रतियोगिता में मुक्केबाजी, बॉडीबिल्डिंग, कुश्ती और आर्म रेसलिंग खेल में खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया और अपनी शक्ति का लोहा मनवाया। नए और पुराने खिलाड़ियों के बीच हुए इन संघर्षपूर्ण मैचों ने दर्शकों को पूरे समय बांधे रखा। भाग लेने वाले खिलाड़ियों का प्रदर्शन विशेष रूप से सराहनीय रहा। कई ऐसे खिलाड़ी, जो इससे पहले राज्य स्तर पर पदक हासिल कर चुके थे, उन्होंने अपने पहले ही मुकाबले में राष्ट्रीय स्तर पर पदक अपने नाम कर लिया। बॉडीबिल्डिंग के अपने पुराने अनुभव का खिलाड़ियों को भरपूर फायदा मिला। पहली बार में ही झटका पदक बीएसएफ की ओर से पहली बार मुक्केबाजी खेलते हुए तमन्ना ने कहा कि भर्ती होने के बाद यह उनका पहला मुकाबला था। उन्होंने कहा कि इसे पहले वह राष्ट्रीय और प्रदेश स्तर की प्रतियोगिताओं में ही हिस्सा लिया करती थी। तमन्ना ने कहा कि इस प्रतियोगिता में उन्होंने पहले के मुताबिक अच्छा प्रदर्शन किया और अपने मुक्कों की सटीकता को सही किया। उन्होंने कहा कि दूसरे प्रदेश के सीनियर खिलाड़ी से रिंग में लड़ कर काफी कुछ सीखने को मिला। पांचवी बार खिताब किया अपने नाम उत्तर प्रदेश पुलिस की आर्म रेसलिंग की खिलाड़ी दीपा चौधरी ने कहा कि वह पांचवी बार इस प्रतियोगिता में उत्तरी और स्वर्ण पदक अपने नाम किया। उन्होंने कहा कि प्रतियोगिता में लगातार पांच बार पदक जीतने से उनके खेल में काफी सुधार हुआ है, क्योंकि प्रतियोगिता में काफी नए खिलाड़ी आते है। जिनसे खेल की नई तकनीक सीखने को मिलती है। साथ में सीनियर खिलाड़ियों के साथ रहकर आर्म रेसलिंग की पुरानी तकनीक का अभ्यास किया। जो प्रतियोगिता में उनके काम आया। राष्ट्रीय स्तर का अनुभव आया काम राजस्थान पुलिस के बॉडीबिल्डिंग खेल के खिलाड़ी मुकेश चौधरी ने कहा कि वह पिछले साल भी प्रतियोगिता में हिस्सा लेने आए थे, लेकिन चोट के चलते वह पदक जीतने से चूक गए थे। उन्होंने वह पिछले दो साल से विश्व बॉडी बिल्डिंग में देश का नेतृत्व कर रहे है और तीन बार राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीत चुके है। उन्होंने कहा कि वही अनुभव उनके काम आया। उन्होंने कहा कि पिछले साल की गलतियों को भूला का और कड़ा अभ्यास करके इस बार उन्होंने पदक अपने नाम किया। पहली बार खेले राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता एसएसबी की ओर से पहली बार मुक्केबाजी खेलते हुए ओनियम माकियो सिंह ने कहा कि उन्होंने पहली बार इस प्रतियोगिता में हिस्सा लिया और पदक अपने नाम किया। इससे पहले वह प्रदेश स्तर पर खेला करते थे और राष्ट्रीय स्तर पर पहली बार खेलने के चलते वह थोड़ा घबराए हुए थे, लेकिन उनके कोच के साथ के चलते वह पदक जीतने में कामयाब हुए। उन्होंने कहा अपने साथ के खिलाड़ियों के साथ बैठ कर उन्होंने ने अपनी गलतियां पहचानी और उनमें सुधार कि लिए अभ्यास किया।

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