करनाल के मुस्तफाबाद गांव में माइनिंग कंपनी द्वारा किसानों की जमीन पर जबरन रेत डालने का मामला गरमा गया है। भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के प्रदेश अध्यक्ष रतन मान के नेतृत्व में किसानों ने कंपनी और प्रशासन पर मिलीभगत का आरोप लगाया है। किसानों का कहना है कि बिना किसी लिखित अनुबंध के उनकी जमीन पर कब्जा करने की कोशिश की जा रही है। रतन मान ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि हम अपनी जमीन का एक इंच भी किसी को हड़पने नहीं देंगे। जिला प्रशासन और माइनिंग विभाग का रवैया पूरी तरह किसान विरोधी है। उन्होंने ऐलान किया कि 6 जून 2025 को भाकियू की टीम मुस्तफाबाद पहुंचकर विरोध प्रदर्शन करेगी। रतन मान ने चेतावनी दी कि यदि किसानों पर दबाव बनाया गया या उनकी जमीन हड़पने की कोशिश हुई, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। किसानों ने अपनी शिकायत को लेकर एसडीएम करनाल को लिखित में ज्ञापन सौंपा, जिसके बाद फिलहाल खेतों में रेत डालने का कार्य रोक दिया गया है। एसडीएम ने आश्वासन दिया है कि किसानों की सहमति के बिना कोई कार्य नहीं होगा और मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी। स्थानीय किसानों ने बताया कि माइनिंग कंपनी ने बिना उनकी अनुमति के खेतों में रेत डालना शुरू कर दिया था, जिससे उनकी फसल और जमीन को नुकसान पहुंच रहा है। इस मुद्दे पर किसानों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है और वे एकजुट होकर अपनी जमीन बचाने के लिए संघर्ष करने को तैयार हैं।