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कैथल: औसत से अधिक पैदावार वाले किसानों की फसल भी खरीदेगी सरकार

कैथल। हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण, पशुपालन एवं डेयरी तथा मत्स्य पालन मंत्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों के साथ मजबूती से खड़ी है। सरकार किसानों की फसल का एक-एक दाना खरीदेगी। औसत से अधिक पैदावार होने पर भी फसल को छोड़ा नहीं जाएगा, उसे भी निर्धारित एसपी पर खरीदा जाएगा। इसके लिए संबंधित किसान को अपनी उपज का पूरा विवरण लिखित में मंडी सचिव को देना होगा, ताकि जिला स्तरीय कमेटी के माध्यम से उसका सत्यापन कर रिकॉर्ड में दर्ज किया जा सके। कृषि मंत्री सोमवार को कैथल जिले की विभिन्न अनाज मंडियों का दौरा कर धान की खरीद, उठान, भुगतान और अन्य व्यवस्थाओं का जायजा ले रहे थे। इस दौरान उन्होंने ढांड, पूंडरी, पाई, राजौंद, कलायत, कैथल व अन्य अनाज मंडियों में खरीद प्रक्रिया का निरीक्षण किया तथा किसानों और आढ़तियों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने धान की ढेरियो पर जाकर नमी मापक मीटर से धान में नमी की मात्रा का आकलन भी करवाया। मौके पर उनके साथ पूंडरी विधायक सतपाल जांबा मौजूद रहे। अधिकारियों को निर्देश दिए कृषि मंत्री ने संबंधित खरीद एजेंसियों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि मंडियों में खरीद प्रक्रिया निर्धारित नियमों के अनुसार सुचारू रूप से जारी रखे। उन्होंने कहा कि 17 प्रतिशत नमी वाली धान को तुरन्त खरीदा जाए। किसान की फसल की बोली लगने के बाद बारदाने की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। मंडियों में साफ-सफाई बनाए रखने के साथ गेटपास काटने के लिए पर्याप्त स्टाफ तैनात किया जाए और सभी रिकॉर्ड रजिस्टर अपडेट रखे जाएं। उन्होंने कहा कि किसानों की फसल का भुगतान निर्धारित समय के भीतर उनके बैंक खातों में भेजा जाए। खरीद और उठान में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। राजौंद व कलायत मंडी में आढ़तियों व किसानों ने खरीद एजेंसी बढ़ाने की मांग की। विवरण लिखित रूप में मंडी सचिव को दें। औसत से अधिक पैदावार होने पर अपनानी होगी निर्धारित प्रक्रिया मंत्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि जिन किसानों की धान की पैदावार निर्धारित औसत से अधिक हो रही है, उनकी फसल की खरीद सुनिश्चित करने के लिए उचित प्रक्रिया अपनाई जाएगी। ऐसे किसान अपनी कुल उपज का विवरण लिखित रूप में मंडी सचिव को दें। आवेदन में किसान को अपना नाम, गांव का नाम, पोर्टल पर दर्ज मोबाइल नंबर, आढ़ती का नाम और उपज की कुल मात्रा स्पष्ट रूप से लिखनी होगी। जिला स्तर पर गठित कमेटी, जिसमें उपायुक्त और कृषि विभाग के उपनिदेशक शामिल हैं, इस विवरण पर विचार कर आवश्यक सत्यापन करेगी और उसे रिकॉर्ड में दर्ज करेगी और पूरी फसल की खरीद सुनिश्चित की जाएगी। कृषि मंत्री ने कहा कि गैर मौसमी बारिश के मौसम को देखते हुए किसानों, आढ़तियों और राइस मिलों को सतर्क रहने की आवश्यकता है। धूप निकलते ही पिछले माल की तुरंत लिफ्टिंग कराई जाए ताकि नए धान के लिए जगह बन सके।

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