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पटवारियों की दो दिवसीय हड़ताल से हजारों लोगों के काम अटके, पटवारखानों पर लटके ताले

सुनील कुमार Updated Thu, 20 Aug 2026 06:52 PM IST

जींद। पटवारियों की दो दिवसीय हड़ताल ने जिले में जमीन से जुड़े कामकाज की रफ्तार रोक दी है। वीरवार को सुबह पटवार खानों के कमरों पर ताले लटके रहे और काम की उम्मीद लेकर पहुंचे लोग घंटों इंतजार के बाद खाली हाथ लौटने को मजबूर हुए। जिले के करीब 200 पटवारियों के हड़ताल पर रहने से इंतकाल, जमाबंदी, खेवट नंबर, निशानदेही, कब्जा कार्रवाई, वेरिफिकेशन, लोन की फाइल और डोमिसाइल समेत दर्जनों काम प्रभावित हुए। अकेली जींद तहसील में दोपहर 12 बजे तक 150 से अधिक लोग अलग-अलग काम लेकर पहुंच चुके थे। पटवार खाने के कमरों पर ताले देखकर कुछ लोग वापस लौट गए, जबकि कई लोग पटवारियों को अलग बुलाकर अपना काम करने की गुहार लगाते नजर आए। लोगों का कहना था कि कई काम ऐसे हैं जिनके लिए पटवारी की रिपोर्ट या सत्यापन जरूरी है। हड़ताल के कारण उन्हें अब दोबारा तहसील के चक्कर लगाने पड़ेंगे। सबसे ज्यादा परेशानी उन लोगों को हुई जो आपराधिक मामलों में जमानत के लिए आवश्यक कागजात पूरे करवाने पहुंचे थे। जमानत की प्रक्रिया में जरूरी दस्तावेज नहीं मिलने के कारण उन्हें वापस लौटना पड़ा। इसके अलावा आय वेरिफिकेशन, डोमिसाइल और मैरिज सर्टिफिकेट से जुड़े काम के लिए आए लोगों को भी निराशा हाथ लगी। बाक्स जमीन के काम के लिए पहुंचे, ताले देखकर लौटे पटवारियों की हड़ताल का असर सीधे आम लोगों पर दिखाई दिया। बराह, पिंडारा, गोविंदपुरा समेत विभिन्न गांवों से लोग अपने जरूरी काम लेकर तहसील पहुंचे थे। किसी को इंतकाल करवाना था तो कोई जमीन का खेवट नंबर निकलवाने आया था। कई लोगों ने बताया कि वे पहले भी काम के लिए आ चुके हैं और अब हड़ताल के कारण काम नहीं हो पाया।

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