अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से आयोजित ‘पुलिस की पाठशाला’ कार्यक्रम के तहत मोतीलाल स्कूल में विद्यार्थियों को नशे, साइबर अपराध और यातायात नियमों के प्रति जागरूक किया गया। कार्यक्रम में पुलिस अधिकारियों ने विद्यार्थियों को सामाजिक बुराइयों से बचने और जिम्मेदार नागरिक बनने का संदेश दिया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में पहुंचे डीएसपी संदीप कुमार ने विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि नशा केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को ही नहीं बल्कि उसके परिवार, समाज और भविष्य को भी बर्बाद कर देता है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे स्वयं नशे से दूर रहें और अपने आसपास के लोगों को भी इसके खिलाफ जागरूक करें। डीएसपी ने कहा कि युवा पीढ़ी देश का भविष्य है और यदि युवा नशे से दूर रहेंगे तो समाज मजबूत बनेगा। नशा मुक्ति टीम के इंचार्ज नरेश ढांडा ने विद्यार्थियों को यातायात नियमों की जानकारी दी। उन्होंने हेलमेट पहनने, सीट बेल्ट लगाने, निर्धारित गति सीमा में वाहन चलाने और मोबाइल फोन का प्रयोग न करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि छोटी-छोटी सावधानियां सड़क हादसों को रोक सकती हैं। साइबर थाना प्रभारी जगदीप सिंह ने विद्यार्थियों को साइबर ठगी के नए तरीकों के बारे में बताया। उन्होंने फर्जी कॉल, ओटीपी फ्रॉड, लिंक भेजकर बैंक खाते खाली करने और सोशल मीडिया हैकिंग जैसी घटनाओं से बचने के उपाय समझाए। उन्होंने कहा कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें और अपनी निजी जानकारी किसी के साथ साझा न करें। स्कूल के प्राचार्य रविंद्र सिंह ने अमर उजाला फाउंडेशन का आभार जताते हुए कहा कि ‘पुलिस की पाठशाला’ विद्यार्थियों के लिए बेहद उपयोगी पहल है। इस कार्यक्रम से बच्चों को नशे से दूर रहने, सुरक्षित वाहन चलाने और साइबर अपराधों से बचने की महत्वपूर्ण जानकारी मिलती है, जो जीवनभर उनके काम आती है।