जींद। जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक में प्रशासनिक अधिकारियों की कार्यप्रणाली को लेकर शिकायतें सामने आईं। मालसरी खेड़ा में पंचायती जमीन पर कब्जे की शिकायत पर खेल राज्य मंत्री गौरव गौतम ने सख्त रुख अपनाते हुए निर्देश दिए कि कब्जा हटवाकर दो दिन में गेट नहीं लगवाया गया तो बीडीपीओ और एसपीओ के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। एसपीओ को इस मामले में कारण बताओ नोटिस जारी करने के भी निर्देश दिए गए। शुक्रवार को डीआरडीए सभागार में हुई बैठक की अध्यक्षता करते हुए मंत्री गौरव गौतम ने 13 शिकायतों और परिवादों की सुनवाई की। इनमें से 11 का मौके पर ही समाधान किया गया, जबकि लंबित मामलों में अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए गए। मंत्री ने कहा कि शिकायतों के समाधान में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और अधिकारियों को अगली बैठक में लंबित मामलों की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी। रजाना निवासी लाभ सिंह ने जमीन की जमाबंदी, इंतकाल और खेवट गलत तरीके से अलग किए जाने की शिकायत रखी। शिकायतकर्ता ने बताया कि मामला मंडलायुक्त के आदेशानुसार स्थगित है और एसडीएम के समक्ष विचाराधीन है। इस पर मंत्री ने मामले की दोबारा सही तरीके से जांच कर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। साथ ही संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी करने को कहा। मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि कष्ट निवारण समिति की बैठक केवल शिकायत सुनने तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। शिकायत के समाधान तक उसकी निगरानी की जाए और फरियादी को कार्रवाई की जानकारी दी जाए। उन्होंने अधिकारियों को जनहित से जुड़े मामलों को प्राथमिकता से निपटाने तथा लोगों को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न कटवाने के निर्देश दिए। बैठक में डीसी डॉ. वैशाली शर्मा, एसपी कुलदीप सिंह, भाजपा जिला अध्यक्ष तेजेंद्र ढुल, एसडीएम सत्यवान मान, जगदीश चंद्र, होशियार सिंह, पुलकित मल्होत्रा और नगराधीश मोनिका रानी मौजूद रहे।