स्वास्थ्य विभाग की ऑनलाइन तबादला प्रक्रिया के विरोध में बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कर्मचारी एसोसिएशन हरियाणा ने शुक्रवार को जींद में प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने लघु सचिवालय में नायब तहसीलदार के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर एमपीएचडब्ल्यू वर्ग को ऑनलाइन तबादला नीति से बाहर रखने की मांग की। इस दौरान एसोसिएशन ने सरकार से एमओटीपी प्रक्रिया वापस लेने और रिक्त पदों पर नियमित भर्ती करने की अपील की। एसोसिएशन के जिला प्रधान प्रदीप लाठर, जिला सचिव गुरनाम संधु, सर्वकर्मचारी संघ के जिला प्रधान संजिव ढांडा, प्रदेश प्रवक्ता संदीप ढांडा ने कहा कि सरकार की ऑनलाइन तबादला नीति को आदर्श बताना उचित नहीं है। रेशनलाइजेशन के नाम पर कई जिलों में पद समाप्त किए जा रहे हैं। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होने का खतरा है। स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है, ऐसे में पद खत्म करने के बजाय रिक्त पदों को भरा जाना चाहिए। प्रदेश प्रवक्ता संदीप कुंडू ने कहा कि एमपीएचडब्ल्यू कर्मचारी टीकाकरण, जच्चा-बच्चा स्वास्थ्य, परिवार कल्याण, मलेरिया और डेंगू समेत विभिन्न रोगों की रोकथाम, सर्वेक्षण और जन-जागरूकता कार्यक्रमों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ग्रामीणों के साथ उनका विश्वास लंबे समय में बनता है। बार-बार तबादलों से यह व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। एक हजार पुरुष और 700 महिला कर्मचारियों के पद खाली महासचिव सहदेव सांगवान ने बताया कि प्रदेश में एमपीएचडब्ल्यू पुरुष के लगभग एक हजार और महिला के करीब 700 पद खाली हैं। इसके अलावा सुपरवाइजर के भी सैंकड़ों पद रिक्त हैं। उन्होंने सीईटी पास डिप्लोमाधारक युवाओं को नियमित भर्ती के माध्यम से रोजगार देने, समाप्त किए जा रहे पदों को बचाने और दूरदराज के मेवात व पलवल जिलों में लंबे समय से कार्यरत कर्मचारियों को राहत देने के लिए ऑफलाइन तबादलों का विकल्प खोलने की मांग की।