छात्राओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने के उद्देश्य से राजकीय महाविद्यालय में अमर उजाला फाउंडेशन द्वारा अपराजिता कार्यक्रम करवाया गया। यह कार्यक्रम महिला प्रकोष्ठ की इंचार्ज डॉ. प्रेम पूनम के नेतृत्व में हुआ। इसमें मुख्य वक्ता डॉ. सविता ने छात्राओं को बदलते समय के अनुरूप खुद को तैयार करने और नए अवसरों को पहचानने का संदेश दिया। डॉ. सविता ने कहा कि आज की महिलाएं केवल नौकरी तक सीमित नहीं हैं, बल्कि स्वरोजगार के क्षेत्र में भी अपनी अलग पहचान बना रही हैं। यदि महिलाएं अपने कौशल को पहचानकर सही दिशा में आगे बढ़ें, तो वे आर्थिक रूप से पूरी तरह सशक्त बन सकती हैं। डॉ. सविता ने बताया कि सरकार और बैंक महिलाओं को स्वरोजगार के लिए हर संभव सहायता प्रदान कर रहे हैं। उन्होंने लखपति दीदी योजना के माध्यम से आय बढ़ाने, ड्रोन दीदी के तहत आधुनिक तकनीक से जुड़ने और पंजाब नेशनल बैंक द्वारा दिए जा रहे प्रशिक्षण व ऋण सुविधाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि रोजगार के अवसर हर वर्ग की महिलाओं के लिए उपलब्ध हैं। शिक्षित महिलाएं ट्यूशन सेंटर, कोचिंग या स्किल डेवलपमेंट सेंटर शुरू कर सकती हैं, वहीं ग्रामीण और कम शिक्षित महिलाएं पशुपालन, सिलाई-कढ़ाई, पोल्ट्री फार्म या कृषि से जुड़े कार्यों के जरिए कम लागत में अपना व्यवसाय शुरू कर सकती हैं। वित्तीय सहायता पर उन्होंने बताया गया कि स्वयं सहायता समूह से जुड़कर महिलाएं 50 हजार से लेकर एक करोड़ रुपये तक का ऋण कम ब्याज दर पर प्राप्त कर सकती हैं। यह उनके लिए स्वरोजगार शुरू करने का मजबूत आधार बन रहा है। उन्होंने कहा कि लड़कियां केवल नौकरी की तलाश तक सीमित न रहें, बल्कि खुद का उद्यम शुरू कर दूसरों के लिए भी रोजगार के अवसर पैदा करें। उन्होंने कहा कि छोटे स्तर से शुरू किया गया कार्य मेहनत और सही मार्गदर्शन से बड़े व्यवसाय का रूप ले सकता है। इस कार्यक्रम का संचालन नीतू ने किया। इस अवसर पर प्राध्यापिका पूनम, रीना व प्रीति ने भी छात्राओं को जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।