ऑल इंडिया यूनाइटेड ट्रेड यूनियन सेंटर (एआईयूटीयूसी) से जुड़े औद्योगिक मजदूरों तथा अन्य कार्यकर्ताओं ने आज अंतरराष्ट्रीय श्रमिक दिवस (मई दिवस) मनाया तथा मई दिवस के शहीदों को श्रद्धांजलि दी। मई दिवस के शहीदों को लाल सलाम, दुनिया भर के मजदूरो एक हो, मजदूर विरोधी 4 लेबर कोड रद्द करो, ठेकेदारी व्यवस्था बंद करो,12 घंटे काम का नियम नहीं चलेगा, हायर एंड फायर की नीति वापस लो, 26000 रुपये न्यूनतम वेतन लागू करो, बैंक -बीमा -रेलवे आदि पब्लिक सेक्टर की इकाइयों तथा शिक्षा व इलाज का निजीकरण बंद करो, कॉरपोरेट घरानों को देश के संसाधनों को बेचना बंद करो, जनविरोधी तथा कॉरपोरेट हितेषी सरकार मुर्दाबाद, के नारे लगाए। इस अवसर पर संसार सुरहेती ने अपने संबोधन में कहा कि मालिक,हायर एंड फायर की नीति के तहत कभी भी मजदूरों को काम से निकाल देते हैं, उनसे 12 -12 घंटे काम लेते हैं। उन्हें स्थाई काम के लिए पक्का रोजगार नहीं देते, उनसे यूनियन बनाने का अधिकार छीन लिया है, ठेकेदारी व्यवस्था लागू कर रखी है, न्यूनतम वेतन नहीं देते तथा अनेक तरह के जो अधिकार, संघर्ष और कुर्बानियों से हमारे पूर्वजों ने प्राप्त किए थे, मोदी सरकार ने चार लेबर कोड लाकर उन्हें छीन लिया है। ऊपर से महंगाई के करण मेहनतकश लोगों का जीना दूभर हो गया है। उन्हें 12- 12 घंटे काम करने के बाद भी मुश्किल से 8-10 हजार रुपए महीने में दिहाड़ी मिलती है। किसान नेता ओमबीरसिंह तथा सतपाल सभ्रवाल ने बताया कि पूंजी के बल पर मजदूर वर्ग का शोषण जारी है। शोषण से मुक्त होने का रास्ता जोरदार संगठित आंदोलन है। इसके अलावा और कोई उपाय नहीं है। इस शोषणकारी पूंजीवादी व्यवस्था के खिलाफ मिलकर लड़ेंगे और किसान आंदोलन की तरह जीतेंगे। शोषणहीन समाजवादी व्यवस्था स्थापित करने तथा कॉरपोरेट की लूट से छुटकारा पाने के लिए जोरदार संगठित संघर्ष जरूरी है। इस अवसर पर किशन छबीली, जोगिंद्र, प्रवीण, मैनपाल मिस्त्री, आनंद, संदीप तथा अन्य मौजूद थे।