अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ के आह्वान पर वीरवार को सर्व कर्मचारी संघ जिला कमेटी झज्जर के नेतृत्व में तमाम विभाग यूनियन के कर्मचारी लघु सचिवालय में इकट्ठे हुए और प्रदर्शन किया। प्रदर्शन की अध्यक्षता जिला प्रधान रामबीर की जबकि संचालन जिला सचिव नरेश गुलिया ने किया। कर्मचारी प्रदर्शन करते हुए अपनी मांगों को लेकर डीसी कार्यालय पर पहुंचे। इस अवसर पर सर्व कर्मचारी संघ के जिला प्रधान रामबीर ने दस सूत्रीय मांग पत्र के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आज पूरे देश में संविदा कर्मचारियों को नियमित करने, अनुबंध ,पार्ट, वन पार्ट 2, गेस्ट टीचर, आउटसोर्स, दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी की रोजगार व्यवस्था को समाप्त करने के विरोध में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के निर्णय अनुसार पक्का कर्मचारी घोषित किया जाए। इसके अलावा पीएफआरडीए बिल अधिनियम को निरस्त करने, न्यू एजुकेशन पॉलिसी को रद्द करने, आठवें वेतन आयोग, कैशलेस उपचार सुविधा, चिराग योजना, 2010 से पहले के शिक्षकों पर डेट की अनिवार्यता राष्ट्रीय शिक्षा नीति को वापस लिया जाए। संविधान के अनुच्छेद संविधान के अनुच्छेद 310, 311 टू एबीसी को निरस्त किया जाए, जनसंख्या के अनुपात में पद सृजित किए जाएं, सांप्रदायिकता के विरुद्ध कठोर कदम उठाया जाए, भारत अमेरिका कृषि ट्रेड डील को रद्द किया जाए, निजीकरण पर रोक लगाई जाए। इसके बाद अधिकारियों को मुख्य सचिव के नाम ज्ञापन सौंपा गया। इस अवसर पर पीडब्लूडी वर्कर्स यूनियन राज्य के अध्यक्ष जयपाल गुढ़ा, उपप्रधान अफलातून जाखड़, जिला प्रधान नवीन, जिला सचिव देवेंद्र सहरावत, बंसीलाल, रविंदर, बिजेंद्र सैनी, भूपेंद्र यादव, रामदर्शन, कुलदीप, दिलबाग दलाल, विष्णु जांगड़ा, रमेश जाखड़ मौजूद रहे।