झज्जर। फसल पंजीकरण करवाने के लिए रविवार को अंतिम दिन था। अंतिम दिन भी किसान फसल पंजीकरण कराने के लिए पहुंचे। लघु सचिवालय स्थित सरल केंद्र, एसडीएम कार्यालय के पास बनाए गए काउंटरों पर फसल पंजीकरण का काम किया गया। रविवार को 100 से अधिक किसान पंजीकरण करवाने के लिए पहुंचे। सबसे पहले किसानों से फसल पंजीकरण को लेकर आवेदन लिखवाए गए। उसके बाद नंबर लगाकर काउंटरों पर भेजा गया ताकि किसानों का पंजीकरण तय समय से हो जाए। इसके लिए अलग-अलग जगहों पर कंप्यूटर ऑपरेटरों की ड्यूटी लगाई गई थी। इससे किसानों को राहत मिली। पहले दिन की तरह लघु सचिवालय में किसानों की भीड़ नजर नहीं आई। किसानों को फसल पंजीकरण करवाने के लिए ज्यादा इंतजार भी नहीं करना पड़ा। इस व्यवस्था से किसान खुश नजर आए। किसान सुमेर, आशीष, सिकंदर ने बताया कि पिछले कुछ दिन से अलग व्यवस्था होने से पंजीकरण आसानी से हो पा रहा है। अब कोई दिक्कत नहीं आ रही है। शुरुआत के दिन में सीमित साधनों के कारण परेशानी आई थी। रविवार को आए सभी किसानों के पंजीकरण किए गए। रविवार को फसल पंजीकरण का अंतिम दिन भी था। जिले में 45,285.888 एरिया का हुआ सत्यापन जिले में फसल का कुल एरिया 92,175.478 एकड़ पंजीकृत है। इसमें से अब तक 45,285.888 एरिया का सत्यापन हो पाया है। यह लगभग 49.1 प्रतिशत हे। इसके अलावा 46,889.592 एकड़ एरिया का पंजीकरण होना लंबित है। बहादुरगढ़ में सत्यापन का काम काफी धीमा चल रहा है। यहां रविवार शाम 7 बजे तक केवल 27.06 प्रतिशत ही फसल सत्यापन हो पाया था। सबसे ज्यादा साल्हावास में 65.07 प्रतिशत फसल सत्यापन का काम पूरा हो चुका है। बादली में 62.83 और बेरी में 62.27 प्रतिशत काम पूरा हुआ है। इसी प्रकार झज्जर में 48.47 और मातनहेल में 56.77 प्रतिशत काम पूरा हुआ है।