झज्जर। बिजली निगम के निजीकरण के विरोध में बिजली कर्मचारियों की हड़ताल से झज्जर जिले में उत्पन्न बिजली-पानी के गंभीर संकट को लेकर शुक्रवार को कांग्रेस सेवादल ने प्रदर्शन किया और उपायुक्त के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। डीआरओ मनवीर सांगवान ने ज्ञापन लेते हुए आश्वस्त किया कि अपनी तरफ से ज्ञापन की कार्यवाही पूरी की जाएगी। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने "प्रशासन समस्या का समाधान करे, समस्या का समाधान करे" "कांग्रेस सेवादल जिंदाबाद" कांग्रेस सेवादल,देश का बल, प्रशासन बिजली पानी का प्रबंध करे, हड़ताली साथियों से,बात करें के जमकर नारे लगाए। इस अवसर पर जिला अध्यक्ष रमेश जाखड़ ने कहा कि हड़ताल के कारण फीडर बंद हैं, जलघरों की मोटरें नहीं चल रही हैं, जिससे पीने के पानी का संकट है। फ्रिज बंद होने से गृहणियों, छोटे दुकानदारों, डेयरी, मेडिकल स्टोर, करियाना व्यापारियों को भारी नुकसान हो रहा है। छात्रों और मरीजों की परेशानी बढ़ गई है। झज्जर खंड अध्यक्ष रामप्रकाश उर्फ नीटू भदानी ने कहा कि सरकार तुरंत हड़ताली कर्मचारियों से वार्ता करे और जनता को राहत दे। बिजली-पानी जैसी बुनियादी जरूरत ठप्प होना प्रशासन की विफलता है। कांग्रेस सेवादल जनता की इस लड़ाई को सड़क से सदन तक लड़ेगा और निजीकरण के जनविरोधी फैसले पर सरकार को पुनर्विचार करना ही होगा। ज्ञापन के बाद सेवादल के साथी खजाना अधिकारी से मिले। सहायक खजाना अधिकारी इंद्रजीत सिंह ने समस्या समाधान का आश्वासन दिया। सेवादल के साथियों ने शीघ्र ही जिला की बैठक बुलाने का फैसला किया, जिसमें एक नवंबर को रामलीला मैदान में होने वाली महारैली की तैयारियों की रूपरेखा एवं समीक्षा की जा सके। इस अवस पर राजबीर दहिया, मुकेश शर्मा, कैप्टन सतबीर बड़क, राजबीर राहड़, मदनलाल भाट, सुमित छिकारा, दिलबाग दलाल मौजूद रहे।