आज के समय में जब अधिकतर लोग अपनी व्यक्तिगत व्यस्तताओं तक सीमित हो गए हैं, ऐसे में समाज के कमजोर वर्ग के लिए निरंतर कार्य करना प्रेरणादायक उदाहरण बनता जा रहा है। सीमित संसाधनों के बावजूद यदि सेवा का भाव सशक्त हो, तो समाज में सकारात्मक परिवर्तन संभव है। इसी सोच के साथ श्यामा श्याम मंडल ने समाजसेवा की राह चुनी और आज यह मंडल जरूरतमंदों के लिए आशा की किरण बन चुका है। सेक्टर 13 निवासी मंडल की अध्यक्ष कमल अग्रवाल ने बताया कि समाजसेवा की प्रेरणा मुझे अपने नानके परिवार से मिली। मेरे नाना हमेशा समाजसेवा में आगे रहते थे। उन्हीं संस्कारों से प्रेरित होकर वर्ष 2015 में श्यामा श्याम मंडल की स्थापना की गई। शुरुआत में केवल 10 सदस्य जुड़े थे, लेकिन सेवा कार्यों की निरंतरता और पारदर्शिता के चलते आज मंडल से 200 से अधिक सदस्य सक्रिय रूप से जुड़े हुए हैं। श्यामा श्याम मंडल का उद्देश्य सिर्फ जरूरतमंदों की मदद करना है। इसी सोच के साथ मंडल की ओर से गरीब कन्याओं के विवाह में सहयोग किया जाता है। प्रत्येक विवाह में मंडल की ओर से करीब 5100 रुपये और सूट, साड़ी, आवश्यक बर्तन और अन्य घरेलू समान भेंट किया जाता है। मैं और मेरे मंडल के सदस्य विवाह स्थल पर पहुंचकर कन्या को आशीर्वाद देते हैं। अब तक मैं हजारों गरीब कन्याओं के विवाह मंडल के सहयोग से संपन्न करवा चुकी हूं। मेरे इस मंडल की ओर से आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन प्रतिभाशाली बच्चों की पढ़ाई का खर्च उठाया जाता है। वर्तमान में 6 बच्चों की मासिक फीस नियमित रूप से हम दे रहे हैं। इसके अलावा हर वर्ष अप्रैल माह में नए सत्र की शुरुआत पर गोद लिए गए बच्चों के पूरा दाखिला खर्च भी मंडल की ओर से किया जाता है, जिसमें फीस, यूनिफॉर्म और किताबें शामिल हैं। हाल ही में ब्रेन इंजरी से पीड़ित एक बच्ची के इलाज में मंडल के सदस्यों ने मिलकर आर्थिक सहयोग प्रदान किया, जिससे उसका समय पर उपचार संभव हो सका। कमल अग्रवाल ने बताया कि मेरे इस सपने को साकार करने में मंडल की सदस्य पूनम गर्ग, पायल विश्वास, नीलम शर्मा, मीनाक्षी जैन, पिंकी जांगड़ा, किरण शर्मा, वृंदा सहित कई महिलाओं का पूरा सहयोग रहा है।