फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

भारतीय हॉकी खिलाड़ी संजय कालीरावण ने जीता स्वर्ण, 2028 ओलंपिक पर नजर

भारतीय हॉकी खिलाड़ी संजय कालीरावण ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वर्ण पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया है। जापान में आयोजित एशियाई खेल की हॉकी में सभी प्रतिद्वंद्वी टीमों को हराकर यह उपलब्धि हासिल की। स्वदेश लौटने पर उनके पैतृक गांव डाबड़ा में ग्रामीणों ने मंगलवार को संजय का स्वागत किया। संजय के कोच राजेंद्र सिहाग ने उनके प्रदर्शन पर गहरी खुशी व्यक्त की। कोच ने बताया कि संजय टीम के मजबूत आधार हैं। वे जब भी मैदान में उतरते हैं पदक जीतकर ही लौटते हैं। मैचों के दौरान उद्घोषक भी उन्हें सराहते रहते हैं। संजय की सफलता उनकी कड़ी मेहनत और अनुशासन का परिणाम है। उन्होंने विश्व कप, एशियन गेम्स, एशिया कप, एशियन चैंपियंस ट्रॉफी और यूथ ओलंपिक में पदक जीते हैं। उन्होंने कई राष्ट्रीय टूर्नामेंट्स में भी सफलता हासिल की है। कोच ने बताया कि वे अपनी फिटनेस और खेल के प्रति बेहद गंभीर रहते हैं। संजय ने अपनी उपलब्धि का श्रेय परिवार, गांववासियों, कोच और सभी मार्गदर्शकों को दिया। उनका अगला मुख्य लक्ष्य 2028 में अमेरिका में होने वाले ओलंपिक खेलों में देश के लिए स्वर्ण पदक जीतना है। इस दौरान कैबिनेट मंत्री रणबीर गंगवा के बेटे संजीव गंगवा, पिता नेकीराम, सूबे सिंह आर्य, ओमप्रकाश, सुनील, संदीप समेत तमाम ग्रामीण मौजूद रहे। गांव में युवाओं को मिली प्रेरणा संजीव की उपलब्धियों का असर उनके गांव डाबड़ा में साफ दिखाई दे रहा है। उन्हें देखकर गांव के करीब 70 से 80 बच्चे हॉकी के मैदान में अभ्यास कर रहे हैं। कोच ने युवाओं को खेल और फिटनेस में निरंतरता बनाए रखने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि इससे राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी और रोजगार के अवसर भी खुलेंगे। युवा अपने परिवार और गांव का सहारा भी बन सकेंगे। युवाओं को संदेश संजीव ने युवाओं से नशों और ड्रग्स से पूरी तरह दूर रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि युवाओं को रोजाना कड़ी मेहनत करनी चाहिए। अनुशासन में रहना और अपने माता-पिता व गुरुजनों की बात मानना भी महत्वपूर्ण है। संजीव ने युवाओं को अपने सपनों को पूरा करने के लिए प्रेरित किया।

विज्ञापन

Latest

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
AU ऐप में पढ़ें