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हिसार में एडीजीपी वाई पूर्ण सिंह की मौत मामले में प्रदेश सरकार का पुतला फूंका

नवीन दलाल Updated Sat, 11 Oct 2025 05:32 PM IST

कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सर्व समाज के लोगों के साथ मिलकर प्रदेश सरकार का पुतला फूंका। एडीजीपी वाई पूर्ण सिंह की मौत के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई करने की मांग को लेकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने लघु सचिवालय पहुंच कर विरोध जताया। डीसी आवास पर ज्ञापन सौंपा। सर्व समाज के लोग शनिवार को सिरसा रोड़ स्थित रविदास छात्रावास के सामने चौक पर इकट्ठे हुए। संत शिरोमणि श्री गुरु रविदास महासभा के प्रधान एसपी चालिया ने बताया कि 9 अक्तूबर को समाज के लगभग 125 लोगों का प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री आवास पहुंचा था। प्रतिनिधिमंडल ने सीएम से मांग की थी कि जिन अधिकारियों के नाम सुसाइड नोट में दर्ज हैं, उन्हें तत्काल पद से हटाया जाए ताकि निष्पक्ष जांच संभव हो सके। मुख्यमंत्री ने एफआईआर दर्ज करवाने का आश्वासन दिया था, परंतु वास्तविक कार्रवाई अधूरी रही। एफआईआर तो दर्ज हुई, लेकिन जिन अधिकारियों के नाम सुसाइड नोट में हैं, उन्हें अपराधियों के कॉलम में शामिल नहीं किया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री के साथ बैठे अधिकारियों में से एक अनुराग रस्तोगी का नाम खुद सुसाइड नोट में दर्ज है। एसपी चालिया ने सरकार पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि दोषियों को सरकार स्वयं संरक्षण दे रही है। न्याय की मांग करने वालों को अनसुना किया जा रहा है। दोषी अधिकारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए। कांग्रेस जिला अध्यक्ष ग्रामीण बृजलाल बहबलपुरिया ने कहा कि भाजपा की सरकार में अनुसूचित वर्ग को लगातार निशाना बनाया जा रहा है। उनको आईपीएस हो या मुख्य न्यायाधीश इतने बड़े पदों पर होने के बाद भी अपमानित किया जाता है। उत्तर प्रदेश में अनुसूचित वर्ग के हरी ओम वाल्मीकि की हत्या, सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश पर जूता फेंकने की घटना, आईपीएस पूर्ण कुमार की संदिग्ध आत्महत्या में अभी तक न्याय नहीं मिला। कांग्रेस पार्टी इस आंदोलन में संगठित रूप से अनुसूचित वर्ग के साथ है।

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