हरियाणा पीडब्ल्यूडी मैकेनिकल वर्कर्स यूनियन ने पीडब्ल्यूडी बीएंडआर में कर्मचारियों की बैठक हुई। इसमें कर्मचारियों ने सरकार की नीतियों के खिलाफ रोष जताते हुए 24 अक्टूबर को कैबिनेट मंत्री रणबीर गंगवा के हिसार स्थित कैंप कार्यालय पर आक्रोश प्रदर्शन कर अनिश्चितकालीन धरने की चेतावनी दी। आपको बता दे कि 18 जुलाई को मंत्री के कैंप कार्यालय पर प्रदर्शन के बाद 28 जुलाई को सिविल सचिवालय में राज्य कमेटी की केबिनेट मंत्री रणबीर गंगवा के साथ वार्ता हुई थी। उनका आरोप है कि वार्ता में बनी सहमति के बावजूद जारी बैठक कार्यवृत्त में सहमति के अनुरूप बातें दर्ज नहीं की गईं। इसके विरोध में राज्य कमेटी ने 25 अगस्त को लिखित आपत्ति दर्ज करवाई थी, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। यूनियन के राज्य प्रधान गंगाराम मौण ने बताया कि यूनियन की प्रमुख मांगों में टर्म अप्वाइंटी, एचकेआरएन सहित सभी कच्चे कर्मचारियों को पक्का करना, पीडब्ल्यूडी बीएंडआर विभाग के मैकेनिकल, बागवानी और प्रयोगशाला विंग को समाप्त करने के फैसले को वापस लेना, मेट व रोड मेट के पदों को तृतीय श्रेणी में शामिल करना तथा 14,237 पदों को घटाकर 6,257 करने और युक्तिकरण का विरोध शामिल है। कर्मचारी नेताओं ने जनस्वास्थ्य विभाग के जलघरों को पंचायतों को सौंपने का भी विरोध किया। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की मांगों को लेकर बार-बार सरकार के समक्ष आवाज उठाई गई और वार्ता भी हुई, लेकिन समाधान नहीं हुआ।गंगाराम मौण ने चेतावनी दी कि 24 अक्टूबर को हजारों कर्मचारी हिसार में मंत्री रणबीर गंगवा के कैंप कार्यालय पर प्रदर्शन करेंगे और इसके बाद अनिश्चितकालीन पड़ाव शुरू किया जाएगा। यूनियन की ओर से आंदोलन का नोटिस भी दिया जा चुका है।