युवा विद्यार्थियों को स्टार्टअप के तहत मत्स्य क्षेत्र में उद्यमिता, नवाचार के लिए मदद की जाएगी। चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय में मत्स्य क्षेत्र में उद्यमिता, नवाचार एवं क्षमता के निर्माण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित किए गए एक्वा उद्यम-2026 कार्यक्रम में यह जानकारी अधिष्ठाता डॉ. राजेश गेरा ने दी। समापन अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मत्स्य विज्ञान महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ राजेश गेरा ने अपने संबोधन में बताया कि एक्वा उद्यम- 2026 मत्स्य पालकों एवं एक्वाप्रेन्योर्स के बीच उद्यमिता, नवाचार एवं सतत आजीविका के अवसरों को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध हुआ। राष्ट्रीय कृषि विस्तार प्रबंधन संस्थान, हैदराबाद एवं चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित किए गए कार्यक्रम के सममापन अवसर पर मत्स्य विज्ञान महाविद्यालय के सहायक वैज्ञानिक डॉ. नितीश बंसल ने मत्स्य क्षेत्र में उभरते व्यावसायिक अवसरों, नवाचार की भूमिका तथा उद्यमिता की संभावनाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। सरकारी सहायता वित्त पोषण के स्रोत एवं सहयोगी संस्थान विषय पर एक सत्र का आयोजन किया गया जिसमें इनक्यूबेशन सेंटर आईआईएलएम विश्वविद्यालय, गुरुग्राम के प्रबंधक अमित काले ने सरकारी योजनाओं, वित्तीय सहायता तंत्र तथा संस्थागत समर्थन व्यवस्थाओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने ब्रांडिंग एवं वैल्यू क्रिएशन विषय पर भी सत्र लिया जिसमें उत्पाद ब्रांडिंग, मूल्य संवर्धन एवं बाजार उन्मुक्त रणनीतियों पर बल दिया। डॉ निवेधा सी.के. तथा गौरी जगुरी को कार्यक्रम समन्वयक के रूप में योगदान देने पर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर प्रभारी अधिकारी डॉ रचना गुलाटी, विभागाध्यक्ष डॉ दिलीप बिश्नोई, सहायक प्राध्यापक डॉ अनुपम आनंद उपस्थित रहे।