दुल्हन तैयार, मंडप तैयार, मेहमान-रिश्तेदार तैयार, बरात भी आ गई। अचानक दूल्हे के परिजनों ने फेरे कराने से मना कर दिया। वो लड़की सारी रात दुल्हन के जोड़े में बैठी रही। परिजन दूल्हे वालों से मिन्नतें करते रहे, लेकिन फॉर्च्यूनर कार और कैश की उन्हें इतनी चाह थी कि फेरे ही नहीं होने दिए।