टोहाना। बंदी सिखों की रिहाई को लेकर बुधवार को टोहाना में विभिन्न सिख संगठनों और कौमी इंसाफ मोर्चा से जुड़े लोगों ने जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में बैनर-पोस्टर लेकर नारेबाजी करते हुए एसडीएम कार्यालय तक मार्च निकाला और राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मु के नाम एसडीएम आकाश शर्मा को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन सौंपने के दौरान हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की सदस्य एडवोकेट अमनप्रीत कौर ने जानकारी देते हुए बताया कि देश की विभिन्न जेलों में 31 वर्षों से अधिक समय से बंद सिख कैदी अपनी सजा पूरी कर चुके हैं, बावजूद इसके उन्हें रिहा नहीं किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह मांग पूरी तरह संवैधानिक है और कानून के दायरे में है। एडवोकेट अमनप्रीत कौर ने कहा कि हमने एसडीएम आकाश शर्मा से विनती की है कि हमारी मांग को डीसी फतेहाबाद के माध्यम से राष्ट्रपति तक पहुंचाया जाए। उन्होंने हमें आश्वासन दिया है कि वे हमारी मांग के साथ अपनी सिफारिश भी भेजेंगे। उन्होंने कहा कि जो लोग जेलों में बंद हैं, वे कानून के अनुसार रिहाई के पात्र हैं। प्रदर्शन के दौरान ‘बंदी सिखों को रिहा करो’ और ‘इंकलाब जिंदाबाद’ के नारे लगाए गए। अमनप्रीत कौर ने कहा कि चंडीगढ़ में कौमी इंसाफ मोर्चा का धरना पिछले साढ़े तीन साल से लगातार चल रहा है, जिसमें हरियाणा, पंजाब सहित देशभर से मानवाधिकार समर्थक शामिल हो रहे हैं। अमनप्रीत कौर ने कहा कि हरियाणा और केंद्र में एक ही पार्टी की सरकार है, इसलिए हमें उम्मीद है कि हमारी बात को गंभीरता से सुना जाएगा। उन्होंने हरियाणा के मुख्यमंत्री से अपील करते हुए कहा कि एक बुजुर्ग माता अपने बेटे से मिलने के लिए तरस रही है, सरकार को उनकी पैरोल का प्रबंध करवाना चाहिए। उन्होंने हरियाणा के मानसून सत्र में शामिल सभी विधायकों से भी अपील की कि वे विधानसभा में इस मुद्दे को जोरदार तरीके से उठाएं। सिख समाज उनकी एक-एक बात को नोट कर रहा है। उन्होंने कहा कि पंजाब में आगामी विधानसभा चुनाव में बंदी सिखों की रिहाई और एनएसए के तहत जेल में बंद एक मौजूदा सांसद को सत्र में शामिल न होने देने का मुद्दा सबसे बड़ा रहने वाला है। जो सरकार इन जायज मांगों का समाधान करेगी, उसे जनता का समर्थन मिलेगा।