मानसून की बेरुखी और अब फसल पकने के बाद हो रही बेमौसम बारिश से हरियाणा में चावल उत्पादन 23 फीसदी तक घटने का अनुमान है। बेमौसम बारिश से मंडियों में बिकने के इंतजार में पड़ा धान काला पड़ रहा है या अंकुरित होने लगा है। खेतों में खड़ी फसल जमीन में बिछी जा रही है। उत्पादन घटने से बासमती धान के दाम पिछले साल की तुलना में 1000 रुपये प्रति क्विंटल अधिक हैं। अब साधारण चावल के दाम 400 रुपये प्रति क्विंटल तक बढ़ने के आसार हैं। देश के कुल उत्पादन का करीब 5 प्रतिशत चावल हरियाणा में होता है। इस बार मानसून कमजोर रहने के बावजूद किसानों ने ट्यूबवेल और नहरी पानी से फसल की सिंचाई की और धान का रकबा पिछले साल की तुलना में सिर्फ .69 प्रतिशत ही घटा। 2025 में 43.45 लाख एकड़ क्षेत्रफल में धान की बिजाई हुई थी। इस बार 43.15 लाख एकड़ में फसल हुई है लेकिन उत्पादन पर असर पड़ा है। पिछले साल हरियाणा में 97 लाख मीट्रिक टन धान उत्पादन हुआ था। कृषि विभाग के अनुसार इस बार धान उत्पादन करीब 23 प्रतिशत घटकर 73 से 75 लाख मीट्रिक टन रह सकता है। हरियाणा प्रदेश राइस मिलर एंड डीलर एसोसिएशन के राज्य महासचिव राजेंद्र सिंह ने बताया कि बेमौसम बरसात से धान उत्पादन घटने से आने वाले समय में चावल के दाम में 200 से 400 रुपये प्रति क्विंटल तक वृद्धि होने के आसार हैं।