मथुरा के वृंदावन में हुए नाव हादसे में मारे गए 10 में से भिवानी की 57 वर्षीय आशा भिवानी की थी। मृतक महिला के परिजनों इस हादसे को लापरवाही बताया और अब प्रशासन से पुख्ता प्रबंध करने और नियमों की पालना करवाने की मांग की है। ताकि भविष्य में ऐसा हादसा ना हो। शुक्रवार को मथुरा के वृंदावन में नाव से परिक्रमा करते समय नाव डूब गई थी। जिसमें 10 लोगों की मौत हो गई। इनमें 57 वर्षीय आशा नामक महिला भिवानी की जगत कॉलोनी की रहने वाली थी। मृतका का शनिवार सुबह भिवानी में अंतिम संस्कार किया गया। इस दर्दनाक हादसे के बाद पीड़ित परिवार सदमे में है। इस हादसे से कुछ देर पहले का वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। जिसमें आशा वोट में भजन कीर्तन करती दिखाई दे रही है। मृतका आशा मिड्ढा के बेटे दिनेश व देवर अनिल ने बताया कि ये हादसा नहीं, बड़ी लापरवाही है। बेटे ने कहा कि उनकी मां सोनीपत में अपनी बेटी के घर गई थी। वहां से लुधियाना के रिश्तेदारों के साथ वृंदावन गई थी। जहां नाव हादसा का शिकार हुई। परिजनों का कहना है कि नाव को लेकर कोई नियमों की पालना नहीं की गई। नाव में क्षमता से ज्यादा लोगों को बैठाया गया। नाव में कोई सेफ्टी बैलेट तक नहीं थी। परिजनों ने कहा कि नियमों की पालना की होती तो ये हादसा ना होता। परिजनों ने वहां के शासन व प्रशासन से मांग कि है कि इस लापरवाही पर लगाम लगे, ताकि भविष्य में किसी और के साथ ऐसे हादसा ना हो। रेलवे रोड पर जगदंबा भोजनालय के संचालक अर्जुन मिढा की पत्नी आशा के निधन पर शोक जताने के लिए भी घर पर तांता लगा है