भिवानी शहर इस समय विकास की नहीं, बल्कि प्रशासनिक उदासीनता और कथित भ्रष्टाचार की सबसे बुरी मार झेल रहा है। यह हम नहीं, बल्कि खुद जनता द्वारा चुने गए नगर परिषद के पार्षद चीख-चीख कर कह रहे हैं। पिछले चार वर्षों से लगातार उपेक्षा का शिकार हो रहे पार्षदों का धैर्य अब जवाब दे चुका है। समाधान शिविर से लेकर सीएम विंडो तक, पार्षदों ने शहर की विभिन्न समस्याओं को लेकर जो गुहार लगाई है, उसने भिवानी नगर परिषद के दावों की धज्जियां उड़ाकर रख दी हैं। पार्षदों ने दो टूक शब्दों में प्रशासन पर हमला बोलते हुए कहा कि शहर में विकास नहीं, विनाश हो रहा है। हालात ऐसे हैं जैसे किसी गंभीर रूप से बीमार आदमी को सिर्फ मेकअप करके स्वस्थ दिखाने की नाकाम कोशिश की जा रही हो। इस दौरान पार्षद कमलेश देवी, पार्षद अनिल कुमार, पार्षद जयवीर रंगा, पार्षद सरला, पार्षद मनीष गुरेजा, पार्षद प्रदीप कौशिक, पार्षद सुदामा सिंह, पार्षद अंकुर कौशिक, पार्षद विनोद प्रजापति साथ रहे।