सोमवार को भिवानी की आशा कर्मियों ने उपायुक्त कार्यालय पर प्रदर्शन करके मुख्यमंत्री व मिशन निदेशक के नाम ज्ञापन भेजकर 30000 रुपये न्यूनतम वेतन लागू करने, आशा कर्मियों को पक्का किए जाने, हड़ताल के दौरान काटी गई तनख्वा जारी करने व अन्य विभिन्न मांग की गई। रोष प्रदर्शन की अध्यक्षता यूनियन नेत्री दर्शना बलियाली ने की व संचालन सीटू नेता सुखदेव पालुवास ने किया। सीटू व यूनियन नेताओं ने कहा कि भाजपा सरकार बेटी बचाओं बेटी पढ़ाओं के झुठें नारे दे रही है। आशा वर्कर्स को लगाते समय जच्चा-बच्चा की सुरक्षा के लिए लगाया गया था। मगर अब आशा वर्कर्स पर लगातार काम का दबाव बढ़ाया जा रहा है। मगर इसके बावजूद भी मामूली वेतन व इन्सेन्टिव में गुजारा करने के लिए मजबूर किया जा रहा है। आशा वर्कर्स को ना कर्मचारी का दर्जा दिया जा रहा है और न ही मजदूर मानकर न्यूनतम वेतन दिया जा रहा हैं। आशा कर्मियों पर ऑनलाइन काम का दबाव बढ़ाया जा रहा है। आशा नेताओं ने सरकार को चेताते हुए कहा कि जल्द मांगों को लागू नहीं किया गया तो प्रदेश की 20000 आशा वर्कर्स अनिश्चितकालीन हड़ताल के लिए मजबूर होगी। इस अवसर पर सीटू नेता अनिल कुमार, किसान सभा नेता कॉमरेड ओमप्रकाश, यूनियन नेत्री दर्शना बलियाली, लक्ष्मी, अन्जू बवानी खेड़ा, मीना, पिंकी, मनीषा सहित अन्य मौजूद रहे ।