प्रदर्शनी स्थल पर पहुंचते ही सबसे पहले ध्यान खींचता है शेखावाटी की हवेली जैसा बनाया गया भव्य प्रवेश द्वार। इस दरवाजे से अंदर कदम रखते ही ऐसा अहसास होता है, जैसे किसी पुराने शेखावाटी सेठ की हवेली में प्रवेश कर रहे हों। लेकिन भीतर पहुंचते ही एक ऐतिहासिक सफर शुरु हो जाता है। यहां करीब 100 से 150 साल पुरानी वस्तुएं, तस्वीरें, दस्तावेज और रोजमर्रा के इस्तेमाल की चीजें भारत के राज से स्वराज तक पहुंचने की कहानी सुनाती हैं। राज से स्वराज तक नाम की इस प्रदर्शनी में शेखावाटी को उसकी मशहूर हवेलियों और भित्तिचित्रों के अलावा उस दौर के सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक बदलावों के साक्षी के तौर पर दिखाता है।