सपने अक्सर सुविधाओं के मोहताज नहीं होते। यदि हौसला और मेहनत साथ हो तो अभावों के बीच पला-बढ़ा इंसान भी कामयाबी की ऐसी कहानी लिख सकता है, जो दूसरों के लिए मिसाल बन जाए। बिहार के बक्सर जिले के रहने वाले गोल्फर रामून सिंह की कहानी भी कुछ ऐसी ही है। जिस खेल को उन्होंने कभी संसाधनों के अभाव में दूसरों से मांगकर खेलना शुरू किया था, उसी गोल्फ में आज उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। वह स्पोर्ट्स कोटे के तहत भारतीय नौसेना (नेवी) में देश की सेवा कर रहे हैं और ग्रेटर नोएडा के जेपी ग्रीन्स गोल्फ कोर्स में आयोजित ट्रिनिटी गोल्फ चैंपियंस लीग (टीजीसीएल) के चौथे सीजन में वेव राइडर्स टीम का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।