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गढ़वाली भाषा को एआई और चैट जीपीटी जैसे माध्यमों से संरक्षित करने की जरूरत: प्रीतम भरतवाण

अलका त्यागी Updated Sun, 31 Aug 2025 11:17 PM IST

गढ़वाली भाषा को एआई और चैट जीपीटी समेत अन्य माध्यम से संरक्षित करते हुए सभी के बीच में पहुंचाने को लेकर कर रहे कार्य को लेकर प्रेस क्लब सभागार में पत्रकारों से वार्ता करते जागर भोर एकेडमी के अध्यक्ष जागर सम्राट पद्मश्री प्रीतम भरतवाण व अन्य।

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