राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण की बैठक में अल्पसंख्यक समुदायों के कक्षा नौ से 12वीं तक के छात्रों के लिए धार्मिक पाठ्यक्रम को अंतिम रूप दिया गया। बैठक में मुस्लिम, जैन, सिख, बौद्ध एवं ईसाई समुदायों से जुड़े शिक्षाविदों ने अपने-अपने विषयों के पाठ्यक्रम पर विस्तार से विचार-विमर्श किया और उन्हें अंतिम रूपरेखा प्रदान की। प्राधिकरण की ओर से बताया गया कि कक्षा एक से आठवीं तक के धार्मिक पाठ्यक्रम को पहले ही जारी किया जा चुका है। अब कक्षा नौ से 12 वीं के लिए तैयार पाठ्यक्रम को अनुमोदन के लिए उत्तराखंड शासन के शिक्षा विभाग को भेजा जाएगा। अल्पसंख्यक शिक्षा के क्षेत्र में इसे महत्वपूर्ण पहल बताते हुए प्राधिकरण ने कहा कि उत्तराखंड देश का पहला राज्य है, जहां एक जुलाई 2026 से उत्तराखंड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण ने कार्य करना शुरू किया है।