नेशनल नेक्स्टजेन पेडिकॉन-2026 में बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. गौरव गुप्ता ने बच्चों के इलाज में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के बढ़ते उपयोग और इससे मिलने वाले लाभों पर जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि एआई मरीज की रिपोर्ट, लक्षण और उपलब्ध मेडिकल डाटा का विश्लेषण कर डॉक्टर को बीमारी की पहचान और उपचार संबंधी निर्णय में मदद कर सकता है। इससे समय पर बीमारी पकड़ने और इलाज को अधिक व्यवस्थित बनाने में मदद मिल सकती है। डॉ. गुप्ता ने साथ ही सावधानी बरतने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि एआई से मिली जानकारी को अंतिम चिकित्सकीय निर्णय नहीं माना जाना चाहिए। बच्चों की उम्र, लक्षण, मेडिकल हिस्ट्री और शारीरिक जांच के आधार पर अंतिम निर्णय विशेषज्ञ डॉक्टर को ही लेना चाहिए। मरीज की निजी और स्वास्थ्य संबंधी जानकारी की गोपनीयता बनाए रखना भी बेहद जरूरी है।