आम जनता के लिए राहत की खबर है। बैंक यूनियनों ने 28 से 30 सितंबर तक प्रस्तावित तीन दिवसीय हड़ताल को टाल दिया है। इस फैसले के बाद बैंकों के सामान्य रूप से खुलने और बैंकिंग सेवाएं जारी रहने का रास्ता साफ हो गया है। यह निर्णय 27 सितंबर की रात इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) और यूनियनों के संगठन यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के बीच हुई अहम बैठक के बाद लिया गया। समाचार एजेंसी ANI के मुताबिक, 27 सितंबर की रात करीब 9:30 बजे IBA और UFBU के प्रतिनिधियों के बीच बैठक हुई, जिसमें बैंकिंग क्षेत्र से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में बातचीत और विचार-विमर्श के बाद हड़ताल को स्थगित करने पर सहमति बनी। इससे बैंक ग्राहकों को बड़ी राहत मिली है, क्योंकि तीन दिनों तक बैंक बंद रहने की स्थिति में नकद लेन-देन, चेक क्लियरेंस, शाखा संबंधी सेवाओं और अन्य बैंकिंग कार्यों पर असर पड़ सकता था। हड़ताल टालने के साथ ही बैंक यूनियनों और IBA के बीच बातचीत का सिलसिला आगे जारी रखने पर भी सहमति बनी है। बैठक में बाकी शनिवारों को छुट्टी घोषित करने के मुद्दे पर चर्चा के लिए IBA और UFBU की एक हाईलेवल कमेटी तत्काल गठित करने का फैसला लिया गया।
UFBU के अनुसार, यह कमेटी इस विषय से जुड़े सभी संभावित विकल्पों पर विचार करेगी और संबंधित पक्षों के साथ चर्चा करेगी। कमेटी का मुख्य उद्देश्य ऐसा समाधान तलाशना होगा, जिसे सभी स्टेकहोल्डर्स, विशेष रूप से बैंक ग्राहकों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए स्वीकार किया जा सके। इसके अलावा, स्केल IV और उससे ऊपर के अधिकारियों के लिए लागू परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) योजना को लेकर भी बातचीत आगे बढ़ाने पर सहमति बनी है। UFBU ने कहा कि यूनियनों और बैंक अधिकारियों की चिंताओं को ध्यान में रखते हुए PLI योजना में संभावित बदलावों का प्रस्ताव सरकार के सामने रखने के लिए IBA के साथ चर्चा शुरू की जा सकती है। इस तरह बैठक में केवल प्रस्तावित हड़ताल को टालने पर ही सहमति नहीं बनी, बल्कि बैंक कर्मचारियों से जुड़े अन्य मुद्दों पर भी आगे बातचीत का रास्ता खुला है। हड़ताल स्थगित होने से बैंक ग्राहकों को फिलहाल राहत मिलेगी और निर्धारित बैंकिंग सेवाओं के सामान्य रूप से संचालित होने की उम्मीद है। शनिवार की छुट्टी और PLI योजना जैसे मुद्दों पर आगे होने वाली कमेटी और IBA-UFBU की चर्चाओं के आधार पर भविष्य में संबंधित फैसले सामने आ सकते हैं।