सोने और चांदी की कीमतों में आने वाले दिनों में भी तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों में बढ़ोतरी के बाद जहां बाजार में ब्याज दरों और अमेरिकी डॉलर को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है, वहीं मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव ने कच्चे तेल की कीमतों को भी प्रभावित किया है। कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और भू-राजनीतिक तनाव का सीधा असर ग्लोबल कमोडिटी मार्केट पर देखने को मिल रहा है। यही वजह है कि सोने और चांदी की कीमतों में लगातार अस्थिरता बनी हुई है।
बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक आने वाले दिनों में बुलियन मार्केट में यह उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। इसकी प्रमुख वजह अमेरिका से आने वाले आर्थिक आंकड़े, वेस्ट एशिया में तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में होने वाला बदलाव है। अगले सप्ताह अमेरिका के कई महत्वपूर्ण आर्थिक आंकड़े जारी होने हैं। इनमें महंगाई से जुड़े आंकड़े, मैन्युफैक्चरिंग पीएमआई और रोजगार से संबंधित आंकड़े शामिल हैं। इसके अलावा फेडरल रिजर्व के अधिकारियों की टिप्पणियों पर भी निवेशकों की नजर रहेगी। अमेरिकी नॉन-फार्म पेरोल रिपोर्ट भी बाजार के लिए बेहद महत्वपूर्ण होगी। इन आंकड़ों से अमेरिकी अर्थव्यवस्था की स्थिति और भविष्य की मौद्रिक नीति को लेकर संकेत मिल सकते हैं, जिसका असर अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी की कीमतों पर पड़ सकता है।
इसके साथ ही भू-राजनीतिक अनिश्चितता भी कीमती धातुओं के बाजार को प्रभावित करती रहेगी। खासकर अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण घटनाक्रम बना हुआ है। होर्मुज स्ट्रेट को लेकर जारी तनाव का असर कच्चे तेल की सप्लाई और कीमतों पर पड़ सकता है। यदि तनाव बढ़ता है तो बाजार में सुरक्षित निवेश की मांग बढ़ सकती है, जबकि तनाव कम होने पर इसका असर अलग दिशा में दिखाई दे सकता है।
आने वाले सप्ताह में निवेशकों की नजर अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों के साथ-साथ तेल की कीमतों और वेस्ट एशिया से जुड़ी खबरों पर रहेगी। इन सभी घटनाक्रमों का संयुक्त असर सोने और चांदी की कीमतों में दिखाई दे सकता है। वहीं भारत में महात्मा गांधी जयंती के अवसर पर शुक्रवार को कमोडिटी मार्केट बंद रहेगा। ऐसे में घरेलू बाजार में कारोबार करने वाले निवेशकों को बाजार की छुट्टी के साथ अंतरराष्ट्रीय बाजार में होने वाले बदलावों पर भी नजर रखनी होगी। कुल मिलाकर, अमेरिकी डेटा, फेड की टिप्पणियां, कच्चे तेल की कीमत और भू-राजनीतिक तनाव आने वाले दिनों में सोने और चांदी की चाल के प्रमुख कारक बने रह सकते हैं।