Hike Shut Down: कभी WhatsApp से था मुकाबला... अब बंद हुई 13 साल पुरानी ये भारतीय कंपनी, जानिए कैसा रहा सफर

नीतीश कुमार
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीनीतीश कुमार
Sun, 14 Sep 2025 08:36 PM IST
सार

Hike Announced Complete Shut Down: कभी WhatsApp को चुनौती देने वाला मैसेजिंग एप Hike अब पूरी तरह से बंद हो गया है। इसके फाउंडर केविन भारती मित्तल (Kavin Bharti Mittal) ने रियल मनी गेमिंग बैन को मुख्य वजह बताते हुए 13 साल पुराने स्टार्टअप को अलविदा कहने का ऐलान किया है।

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हाइक ने बंद किया कारोबार - फोटो : Hike

    विस्तार

    भारत में रियल मनी गेमिंग पर बैन का बड़ा असर टेक स्टार्टअप हाइक (Hike) पर पड़ा है। कंपनी के फाउंडर और भारती एयरटेल चेयरमैन सुनील भारती मित्तल के बेटे, केविन भारती मित्तल (Kavin Bharti Mittal) ने 13 साल पुराने इस स्टार्टअप को बंद करने का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि निवेशकों और टीम के साथ विचार-विमर्श के बाद यह कठिन फैसला लेना पड़ा।

    मैसेजिंग से गेमिंग एप तक का सफर

    2012 में लॉन्च हुआ Hike एक समय WhatsApp का सबसे बड़ा प्रतिद्वंद्वी माना जाता था। अपने पीक पर ऐप के 4 करोड़ से ज्यादा मंथली यूजर्स थे। लेकिन समय के साथ यूजर की पसंद बदली और 2021 में इसे बंद करना पड़ा। इसके बाद कंपनी ने Rush नाम से रियल मनी गेमिंग प्लेटफॉर्म शुरू किया, जिसमें 14 गेम्स उपलब्ध थे और यूजर्स कैश जीत सकते थे। इसमें Web3 टेक्नोलॉजी और प्ले-टू-अर्न फीचर्स भी शामिल किए गए थे।

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    कानून बना सबसे बड़ी रुकावट

    2023 में भारत सरकार ने रियल मनी गेमिंग पर सख्त नियम लागू किए। इससे Hike का बिजनेस मॉडल बुरी तरह प्रभावित हुआ। मित्तल ने कहा कि भारत में शुरुआत करने से हम इस बिजनेस मॉडल में बंध गए, और ग्लोबल लेवल पर स्केल करना अब संभव नहीं रह गया।

    कैसी रही हाइक की ग्रोथ और रेवेन्यू

    करीब 100 कर्मचारियों वाली यह कंपनी भारत, अमेरिका, दुबई और सिंगापुर में सक्रिय थी। Rush प्लेटफॉर्म ने भारत में चार साल में ही 500 मिलियन डॉलर से ज्यादा का रेवेन्यू कमाया। इसमें 1 करोड़ से ज्यादा यूजर्स जुड़े और हर साल लगभग 480 मिलियन डॉलर की विनिंग राशि दी गईं। लेकिन नियमों की अनिश्चितता के कारण आगे बढ़ना मुश्किल हो गया।

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    Hike के निवेशकों में सॉफ्टबैंक, टेंसेंट, टाइगर ग्लोबल, फॉक्सकॉन, पॉलिगॉन और ट्राइब कैपिटल जैसी बड़ी कंपनियां शामिल थीं। व्यक्तिगत निवेशकों में Zynga के फाउंडर मार्क पिंकस और एलैड गिल जैसे नाम भी जुड़े थे। फिलहाल भारतीय गेमिंग इंडस्ट्री पर भी इस बैन का असर दिख रहा है और कई कंपनियां कर्मचारियों की छंटनी कर रही हैं।

    आगे क्या करेंगे केविन मित्तल?

    हालांकि Hike बंद हो रहा है, लेकिन केविन मित्तल तकनीक से दूरी नहीं बना रहे हैं। अब वे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्लीन एनर्जी और ह्यूमन पोटेंशियल जैसे क्षेत्रों पर काम करने की योजना बना रहे हैं। उन्होंने कहा, "यह निराशाजनक है, लेकिन इससे मिली सीख बहुत कीमती है। मेरा विश्वास अब पहले से ज्यादा मजबूत है।"

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