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आगरा के किसानों को रास आने लगी मूंग की खेती, लागत के मुकाबले मुनाफा है ज्यादा
Thu, 11 Jun 2020 04:10 PM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Thu, 11 Jun 2020 04:10 PM IST
सार
- आगरा जिले में पहली बार सात हजार हेक्टेयर जमीन पर की गई है मूंग की फसल
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मूंग की फसल
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
आगरा में मूंग की खेती आगरा के किसानों को रास आने लगी है। यहां साल दर साल मूंग की खेती करने का चलन बढ़ रहा है। इस बार मूंग की ढाई गुना खेती की गई है। किसानों ने जैविक खाद के इस्तेमाल करने से फसल भी बेहतर है।
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जिले में इस बार सात हजार हेक्टेयर से अधिक मूंग की खेती की है। मार्च में इसकी बुवाई हुई और 90 दिन में फसल तैयार हो जाती है। इस समय मूंग की फसल लगभग तैयार हो गई है।
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किसानों ने बताया कि इसमें प्रति हेक्टेयर 12 से 15 क्विंटल तक पैदावार होती है। इसकी प्रति हेक्टेयर की लागत सात से आठ हजार रुपये है। बाजार में छह से सात हजार रुपये प्रति क्विंटल तक दाम मिल जाते हैं।
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अच्छी पैदावार होने की उम्मीद
जिला कृषि अधिकारी डॉ. रामप्रवेश वर्मा ने बताया कि किसानों में मूंग की खेती, सब्जी की खेती का रुझान बढ़ा है। मूंग की खेती इस बार लगभग सात हजार हेक्टेयर में हुई है। फसलों का मुआयना किया है, अच्छी पैदावार होने की उम्मीद है।
फसल तैयार, भाव भी अच्छा
एत्मादपुर के किसान लाखन सिंह त्यागी ने बताया कि जैविक खाद से मूंग की खेती की है, फसल लगभग तैयार है, अच्छी पैदावार होने की उम्मीद है। बाजार में भी अच्छा भाव है, किसानों को इससे राहत मिलेगी।
बरौली अहीर के किसान प्रदीप शर्मा ने बताया कि मूंग की खेती में लागत के मुकाबले बचत अधिक है। अगर बारिश से नुकसान हो और अच्छी कीमत मिल जाए तो किसानों को बड़ी राहत मिलती है।
फसल तैयार, भाव भी अच्छा
एत्मादपुर के किसान लाखन सिंह त्यागी ने बताया कि जैविक खाद से मूंग की खेती की है, फसल लगभग तैयार है, अच्छी पैदावार होने की उम्मीद है। बाजार में भी अच्छा भाव है, किसानों को इससे राहत मिलेगी।
बरौली अहीर के किसान प्रदीप शर्मा ने बताया कि मूंग की खेती में लागत के मुकाबले बचत अधिक है। अगर बारिश से नुकसान हो और अच्छी कीमत मिल जाए तो किसानों को बड़ी राहत मिलती है।