फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Infertility In Animals Increases Due To Phosphorus Deficiency

पशुओं में बांझपन से मिल जाएगा छुटकारा! बस हरे चारे में करें इस चीज का छिड़काव

Tue, 16 Jul 2019 06:00 PM IST
ajay kumar जगवीर शर्मा, अमर उजाला, चरखी दादरी (हरियाणा)
जगवीर शर्मा, अमर उजाला, चरखी दादरी (हरियाणा) Published by: ajay kumar Updated Tue, 16 Jul 2019 06:00 PM IST
विज्ञापन
Infertility In Animals Increases Due To Phosphorus Deficiency
- फोटो : अमर उजाला

किसान हरे चारे की प्रमुख फसलें बाजरा व ज्वार की बिजाई के दौरान फास्फोरस न्यूट्रेंस का इस्तेमाल अवश्य करें। फास्फोरस का प्रयोग नहीं करने से फसल में इस पोषक तत्व की कमी हो जाती है और इससे पशुओं में बांझपन एवं बार-बार गर्भधारण की समस्या बनती है। 

विज्ञापन


इस तत्व की कमी से पशु की प्रजनन प्रक्रिया अनियमित हो जाती है और पशुओं में बार-बार गर्भपात होने लगता है। फास्फोरस से प्रति एकड़ तीन से चार क्विंटल पैदावार बढ़ती है। आने वाले बाजरे के सीजन में किसान कपास की बिजाई के दौरान जमीन में डीएपी यानी फास्फोरस अवश्य डालें। बाजरा खासकर दक्षिणी हरियाणा की प्रमुख फसल है। अब तो सरकार ने इसका भाव भी 1950 रुपये प्रति क्विंटल कर रखा है। 
विज्ञापन


ये हैं बाजरे की प्रमुख किस्में
बाजरा की प्रमुख किस्मों में पाइनर 45, पाइनर 46, पाइनर 42 और पाइनर 19 प्रमुख रूप से शामिल हैं। इस किस्म के बीज से पौधे की लंबाई आठ से 10 फीट तक बढ़ती है। जिले में अब तक करीब आठ हजार एकड़ में बाजरा की बिजाई हो चुकी है।

विज्ञापन
विज्ञापन

इस खरीफ सीजन में बाजरा की बिजाई करीब 40 हजार एकड़ को पार करने की उम्मीद है। चरखी दादरी के अलावा महेंद्रगढ़, सतनाली, कादमा, नारनौल, बाढड़ा, रेवाड़ी एरिया में भी बाजरे की बिजाई की जाती है।

हरा चारा पशुओं के लिए
प्रजनन प्रक्रिया संतुलित रखने के लिए फास्फोरस की जरूरत होती है। ऐसे में किसानों को चाहिए खरीफ की हरे चारे की बाजरा व ज्वार की फसलों में फास्फोरस न्यूट्रेंस अवश्य डालें। इससे प्रति एकड़ पैदावार भी बढ़ती है।

बाजरा, ज्वार में फास्फोरस डालें। दोनों फसल हरे चारे की हैं। हरे चारे में फास्फोरस न्यूट्रेंस होना जरूरी है। इसकी कमी से ही पशुओं में बांझपन होता है। - रमेश रोहिल्ला, कृषि विकास अधिकारी एवं टीए 

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed